रायपुर। छत्तीसगढ़ में मलेरिया से हाल में हुई तीन मौतों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। एक ओर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वीकार किया कि 3 लोगों की मौत हुई है और इसे छिपाया नहीं जा सकता, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि लोग मलेरिया और डायरिया से जान गंवा रहे हैं, जबकि मंत्री केवल उपलब्धियां गिनाने में व्यस्त हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने माना
पत्रकारों से चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य मलेरिया से होने वाली मौतों को शून्य तक लाना है और इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2015 की तुलना में 2025 तक राज्य में मलेरिया के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में 16.97 लाख कीटनाशकयुक्त मच्छरदानियों का वितरण किया गया है, जिससे मलेरिया नियंत्रण अभियान को मजबूती मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि इन प्रयासों को भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर 'बेस्ट प्रैक्टिस' के रूप में सम्मानित किया है।
PCC अध्यक्ष ने बोला हमला
हालांकि, मंत्री के इन दावों पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बस्तर में लोग आज भी मलेरिया और डायरिया जैसी बीमारियों से दम तोड़ रहे हैं, लेकिन सरकार जमीनी हालात सुधारने के बजाय अपनी उपलब्धियों का प्रचार कर रही है।
बैज ने आरोप लगाया कि, जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में स्ट्रेचर से सीमेंट ढोया जा रहा है, जबकि बाजार में नकली गोलियां और नकली दवाइयां खुलेआम बिक रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को इन गंभीर मामलों की समीक्षा कर स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने पर ध्यान देना चाहिए।
नेता आमने-सामने
मलेरिया से हुई मौतों के बाद सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक तरफ सरकार मलेरिया नियंत्रण में मिली उपलब्धियों का हवाला दे रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों को उजागर कर सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है। ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार इन चुनौतियों से निपटने के लिए आगे क्या ठोस कदम उठाती है।
2 अगस्त को राज्य स्तरीय कार्यशाला, डिजिटल तकनीकों से न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम
Copyright © 2021 Newsbaji || Website Design by Ayodhya Webosoft