दुर्ग। जिला अस्पताल से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। भारी बारिश के बाद अस्पताल की मदर-चाइल्ड यूनिट के दो ऑपरेशन थिएटर (OT) में पंख वाली उड़ने वाली चींटियों (फ्लाइंग एंट्स) का झुंड पहुंच गया। संक्रमण के खतरे को देखते हुए ऑपरेशन थिएटर पिछले करीब 10 दिनों से बंद है। इस दौरान कई ऑपरेशन प्रभावित हुए।
ऑपरेशन थिएटर तक कैसे पहुंचीं चींटियां?
जानकारी के मुताबिक, जिला अस्पताल की पुरानी इमारत में उखड़ी हुई टाइल्स और फर्श की दरारों से बड़ी संख्या में उड़ने वाली चींटियां ऑपरेशन थिएटर तक पहुंच गईं। ऑपरेशन थिएटर अत्यधिक संक्रमण-मुक्त (स्टेराइल) क्षेत्र होता है। ऐसे में वहां किसी भी प्रकार के कीटों की मौजूदगी मरीजों के लिए गंभीर संक्रमण का खतरा पैदा कर सकती है। इसी वजह से प्रशासन ने तत्काल दोनों OT को अस्थायी रूप से बंद कर दिया।
ऑपरेशन थिएटर बंद होने के कारण मदर-चाइल्ड यूनिट में होने वाली सर्जरी प्रभावित हुईं। मरीजों को असुविधा से बचाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए ऑपरेशन दूसरी जगह कराए।
पेस्ट कंट्रोल और रखरखाव पर उठे सवाल
घटना के सामने आने के बाद अस्पताल की पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था और भवन रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील स्थान तक कीटों का पहुंचना नियमित निरीक्षण और रखरखाव में कमी की ओर इशारा करता है। अब प्रशासन पूरे मामले की समीक्षा कर रहा है और पेस्ट कंट्रोल के साथ आवश्यक मरम्मत कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
क्या बोले सिविल सर्जन?
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आशीष मिंज ने बताया कि मदर-चाइल्ड यूनिट के ऑपरेशन थिएटरों के अंदर बड़ी संख्या में उड़ने वाली चींटियां पाए जाने के बाद मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दोनों OT को एहतियातन बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई, पेस्ट कंट्रोल और आवश्यक सुधार कार्य किए जा रहे हैं। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद ही ऑपरेशन थिएटरों को दोबारा शुरू किया जाएगा।
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