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साइबर अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई, 1242 म्यूल बैंक खातों का खुलासा, 122 आरोपी गिरफ्तार, 3 करोड़ फ्रीज

 Newsbaji  |  Jul 29, 2026 07:08 PM  | 
Last Updated : Jul 29, 2026 07:08 PM
दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई

दुर्ग/भिलाई। साइबर अपराध और ऑनलाइन सट्टे के बढ़ते नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दुर्ग पुलिस ने वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में संचालित विशेष अभियान के दौरान 18 प्रकरण दर्ज कर 1242 म्यूल बैंक खातों का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में अब तक 117 म्यूल खाताधारकों और 5 म्यूल एजेंटों सहित कुल 122 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टे से जुड़ी लगभग ₹3 करोड़ की विवादित राशि को फ्रीज कर आगे के लेन-देन पर रोक लगा दी गई है।

6 महीने की साइबर ठगी
पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी से 29 जुलाई 2026 तक चलाए गए अभियान में पुलिस मुख्यालय तकनीकी सेवा (साइबर), भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP), विभिन्न राज्यों से प्राप्त शिकायतों तथा बैंकिंग संस्थानों से मिली सूचनाओं का तकनीकी एवं वित्तीय विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आया कि साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश, शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग, ऑनलाइन सट्टा और अन्य साइबर अपराधों से अर्जित अवैध धनराशि को छिपाने और आगे पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

छानबीन में हुआ खुलासा
पुलिस ने बैंक खातों के लेन-देन, केवाईसी दस्तावेज, इंटरनेट बैंकिंग लॉग, यूपीआई ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद 18 मामलों में 1242 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की। फिलहाल करीब 2000 अन्य संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की तकनीकी और वित्तीय जांच जारी है।

ऐसे काम करता था गिरोह
पुलिस जांच के अनुसार, गिरोह के सदस्य लोगों को कमीशन, नौकरी या आसान कमाई का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल नंबर, सिम कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी हासिल करते थे। साइबर ठगी से प्राप्त रकम पहले इन खातों में जमा की जाती थी और बाद में कई खातों में छोटे-छोटे हिस्सों में ट्रांसफर कर मनी ट्रेल छिपाई जाती थी। इसके बाद राशि को ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और अन्य माध्यमों से निकालकर मुख्य अपराधियों तक पहुंचाया जाता था।

बैंक अफसरों की भूमिका भी जांच के दायरे में
विवेचना के दौरान कुछ बैंक शाखाओं के अफसरों और प्रबंधकों की भूमिका भी संदेह के दायरे में आई है। पुलिस खाता खोलने की प्रक्रिया, KYC सत्यापन, संदिग्ध लेन-देन की निगरानी और नियामकीय प्रावधानों के पालन की जांच कर रही है। जांच में संलिप्तता मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

कुछ खास बिन्दु 

  • कुल प्रकरण दर्ज : 18
  • चिन्हित म्यूल बैंक खाते : 1242
  • गिरफ्तार म्यूल खाताधारक : 117
  • गिरफ्तार म्यूल एजेंट : 05
  • कुल गिरफ्तार आरोपी : 122
  • फ्रीज की गई राशि : लगभग 3 करोड़ रुपए
  • जांचाधीन संदिग्ध म्यूल बैंक खाते : लगभग 2000
     

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