रायपुर। छत्तीसगढ़ में आरक्षण संशोधन विधेयक पर राज्यपाल अनुसुईया उइके ने अपने हस्ताक्षर नहीं किए है। हालांकि राज्यपाल के पास विधि सलाहकार की रिपोर्ट तक पहुंच गई है। बताया जा रहा कि राजभवन में सचिव, विधि सलाहकार अधिकारी और विधि विभाग के अधिकारियों के साथ इसके प्रविधानों को लेकर मंथन हो रहा है। उधर, राज्यपाल का हस्ताक्षर नहीं होने पर संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने सवाल खड़े कर दिए है।
मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा है कि तीन दिनों तक कानूनी सलाह के लिए विधेयक का रूका रहना काफी चिंताजनक है। शुक्रवार को राज्यपाल ने एक दिन में हस्ताक्षर करने की बात कही थी। उम्मीद जताई जा रही थी कि वो हस्ताक्षर कर देंगी। लेकिन अभी तक विधेयक पर हस्ताक्षर नहीं किए है। छत्तीसगढ़ के लाखों लोगों को आरक्षण का इंतजार है।
बता दे कि, शुक्रवार को विधानसभा से पास होकर विधेयक उसी रात पांच मंत्रियों ने राजभवन जाकर राज्यपाल अनुसुईया उइके को सौंपा दिया था। तब राज्यपाल ने कहा था कि उनके विधि अधिकारी अवकाश पर हैं। सोमवार को कामकाज शुरू होने पर हस्ताक्षर कर देंगी। मंत्री रविन्द्र चौबे से जब यह सवाल किया गया कि क्या किसी तरह का राज्यपाल पर दबाव है, तो उन्होंने कहा कि मैं यह आज नहीं कह सकता। लेकिन सिर्फ विधि विशेषज्ञों की राय लेने में तीन दिन का समय लग जाए, तो सवाल उठेगे ही।
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