अंबिकापुर। सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में पीलिया का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। पिछले एक माह के दौरान बीमारी से पूर्व उपसरपंच समेत 4 लोगों की मौत होने की बात सामने आई है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग अभी भी बीमारी की चपेट में हैं। प्रभावित मरीजों का इलाज अंबिकापुर और रायपुर के अस्पतालों में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, मैनपाट के नर्मदापुर, कुनिया और आसपास के कई गांवों में पिछले एक माह से पीलिया के मामले सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुनिया के पूर्व उपसरपंच जितेंद्र यादव, नर्मदापुर निवासी भाग्यवती यादव, बैगहवा गांव की एक युवती तथा बरिमा निवासी कक्षा 9वीं के छात्र विकास यादव की पीलिया से मौत हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि, शुरुआत में लोगों ने सर्दी-खांसी, उल्टी और अन्य लक्षणों का स्थानीय स्तर पर इलाज कराया, लेकिन हालत बिगड़ने पर मरीजों को अंबिकापुर और रायपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां जांच में पीलिया की पुष्टि हुई।
स्वास्थ्य विभाग पर देरी से सक्रिय होने का आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि, गांवों में करीब एक माह से बीमारी फैली हुई थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग समय पर सक्रिय नहीं हुआ। ग्रामीणों के अनुसार, कई लोगों के बीमार पड़ने और मौतों की सूचना के बाद विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाना शुरू किया।
प्रभावित गांवों में लगाए गए हेल्थ कैंप
स्वास्थ्य सेवाएं, सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने मैनपाट क्षेत्र में पीलिया फैलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया गया और प्रभावित गांवों में हेल्थ कैंप लगाकर मरीजों की जांच व उपचार शुरू कर दिया गया है।
पानी की जांच, लोगों को सावधानी की सलाह
स्वास्थ्य विभाग बीमारी के कारणों की जांच कर रहा है। संभावित कारणों में दूषित पानी को देखते हुए विभिन्न जल स्रोतों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। विभाग ने लोगों से पानी उबालकर पीने, साफ-सफाई रखने और ताजा व गर्म भोजन करने की अपील की है।
SP ऑफिस के सामने महिला जज के बंगले में 9 लाख की चोरी, पुलिस व्यवस्था पर उठे सवाल
300 किलो गांजा के साथ 3 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार, 1.86 करोड़ की संपत्ति जब्त
UP पंचायत चुनाव: OBC आरक्षण में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगी प्रगति रिपोर्ट
Copyright © 2021 Newsbaji || Website Design by Ayodhya Webosoft