रायपुर/भिलाई। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में EOW और ACB की लगातार कार्यवाहियां चल रही है। बताया जा रहा है कि, मंगलवार तड़के 4 बजे से प्रदेश के 20-25 ठिकानों पर दबिश दी है।
जानकारी के मुताबिक, रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर, धमतरी समेत कई जिलों में एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी है। बता दें कि, कई कारोबारी और आबकारी अधिकारियों के ठिकानों पर EOW का छापा चल रहा है।
इधर, भिलाई में अशोक अग्रवाल के यहां ACB की रेड पड़ी है। तड़के 4 बजे से ACB की टीम रेकी कर रही थी। छापा मारने के 4 गाड़ियों में अधिकारी और पुलिस बल के जवान पहुंचे हुए है। व्यापारी अशोक अग्रवाल स्टील इंड्रस्ट्रीज से जुड़े हुए हैं। हाउसिंग बोर्ड स्थित आम्रपाली कॉलोनी में उनका निवास और आफिस में छानबीन जारी है। वही, भिलाई के नेहरु नगर के निवासी एस.के.केजरीवाल, संजय गोयल, स्पर्श हॉस्पिटल, बंसी अग्रवाल, चतुर्भुज राठी, बिल्डर व भाजपा नेता दुर्ग और विनय अग्रवाल के वहां भी दबिश दी है।
जानिए छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला?
प्रदेश के शराब घोटाले की जांच ED कर रही है। ईडी ने उसे लेकर ACB में केस दर्ज किया है। ईडी की जांच में सामने आया कि छत्तीसगढ़ में तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के दौरान आबकारी मंत्री कवासी लखमा, IAS अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी ए.पी त्रिपाठी, कारोबारी अनिल ढेबर और अरविंद सिंह ने मिलकर एक सिंडिकेट तैयार किया, जिसके जरिए छत्तीसगढ़ आबकारी नीति में कुछ चुनिंदा शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचाने की नीयत से बदलाव किए गए थे।
इसके साथ ही शराब की बोतलों में नकली होलोग्राम लगाकर भी करोड़ों की चपत आबकारी विभाग व राजस्व को लगाई गई। जिसके कमीशन के तौर पर सिंडिकेट में करोड़ों रुपए कमाए गए। इस मामले में तत्कालीन आपकारी मंत्री कवासी लखमा, तत्कालीन IAS अनिल टुटेजा, कारोबारी अनिल ढेबर और अरविंद सिंह समेत कई अधिकारी जेल में है।
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