Tuesday ,June 23, 2026
होमछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले, ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार गारंटी, ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ और नई CBG नीति को मंजूरी...

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले, ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार गारंटी, ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ और नई CBG नीति को मंजूरी

 Newsbaji  |  Jun 23, 2026 02:32 PM  | 
Last Updated : Jun 23, 2026 02:32 PM
छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: 125 दिन रोजगार गारंटी और नई योजनाओं को मंजूरी
छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: 125 दिन रोजगार गारंटी और नई योजनाओं को मंजूरी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के ग्रामीण विकास, रोजगार और हरित ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नई योजनाओं और नीति को स्वीकृति प्रदान की।

कैबिनेट ने “विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी योजना छत्तीसगढ़” के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी।

योजना के माध्यम से जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास और आजीविका परिसंपत्तियों के निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही विभागीय योजनाओं के अभिसरण और डिजिटल तकनीक के उपयोग से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 4,000 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है, जबकि केंद्र और राज्य के बीच व्यय का अनुपात 60:40 रहेगा।

बैठक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से “अटल आजीविका समृद्धि हाट” योजना को भी मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हथकरघा, बुनाई, हस्तशिल्प, प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज, कृषि उपकरण मरम्मत केंद्र और डिजिटल सेवा केंद्रों की स्थापना की जाएगी।

सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

कैबिनेट ने “छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति (CG-CBG Policy), 2026” के प्रारूप को भी मंजूरी दी। इस नीति के तहत कृषि अवशेष, नगरीय ठोस अपशिष्ट, पशुधन अपशिष्ट और अन्य जैविक संसाधनों का उपयोग कर कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) का उत्पादन किया जाएगा।

सरकार के अनुसार यह नीति अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी और जैविक उर्वरक उत्पादन को बढ़ावा देगी। अंजोर विजन-2047 के अनुसार राज्य में लगभग 5 लाख टन प्रति वर्ष CBG उत्पादन की संभावना जताई गई है।
 

TAGS
 
admin

Newsbaji

Copyright © 2021 Newsbaji || Website Design by Ayodhya Webosoft