लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग में झुलसने से 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हो गए। इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, प्रशासन लापरवाही बरतने वाले अफसरों और हादसे के दोषियों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की है। हादसे को लेकर मुख्यमंत्री के आदेश पर जानकीपुरम में बिजली विभाग के अधिकारी गौरव कुमार, अग्निशमन विभाग की इंदिरा नगर शाखा के अधिकारी कमलेन्द्र कुमार सिंह, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के सहायक अभियंता अनिल कुमार और कनिष्ठ अभियंता प्रमोद पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस ने हादसे के बाद 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में राम कृष्ण उपाध्याय (43), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), तुषार कृष्ण जायसवाल (31) और सुरेश कुमार साहू शामिल हैं। उपाध्याय, शुक्ला और जायसवाल आग की जद में आयी इमारत के संयुक्त रूप से मालिक थे।
SIT गठित
घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट एक हफ्ते में सौंपेगी।
मुआवजे की घोषणा
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
घटना के बाद मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, KGMU पहुंचकर घायलों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की तथा अफसरों को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है।
तेज प्रताप यादव के घर बड़ी चोरी, PA पर लगा 20 लाख नकदी और कीमती सामान ले जाने का आरोप
भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप चोरी कांड: 12 आरोपी गिरफ्तार, 3.22 करोड़ की संपत्ति जब्त
लखनऊ अग्निकांड, कोचिंग सेंटर में मची चीख-पुकार, 15 शव बरामद
Copyright © 2021 Newsbaji || Website Design by Ayodhya Webosoft