रायपुर। छत्तीसगढ़ में समाज सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सुशील कुमार पाण्डेय को शनिवार को राजधानी दिल्ली स्थित होटल ग्रैंड में आयोजित ग्लोबल एक्सीलेंस समिट में डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। साथ ही उन्हें IFIA अवार्ड और अमेरिकन मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के एम्बेसडर की उपाधि से भी नवाजा गया है।

सेवा का संकल्प
कांकेर जिले के ग्राम कोयलीबेडा में जन्मे सुशील कुमार पाण्डेय ने महज 15 वर्ष की उम्र से ही बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देना शुरू कर दी थी। शिक्षक पिता-माता के संस्कारों से पोषित सुशील ने मैथमैटिक्स में मास्टर्स करने के बाद सिविल सेवा की तैयारी की थी। परंतु समाज सेवा का संकल्प उन्हें एक नई दिशा की ओर ले गया।
बता दे कि, 21 वर्ष की उम्र में सुशील ने दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण में 250 से अधिक महिला स्व-सहायता समूह बनाकर महिलाओं को स्वावलंबी बनाया। 30 मई 2003 को उन्होंने ‘बस्तर सामाजिक जन विकास समिति’ की स्थापना की थी। जिसका मुख्यालय वर्तमान में तेतरकुटी, अघनपुर में स्थित है। आज यह संस्था 150 से अधिक कर्मचारियों के साथ कार्यरत है और 95000 से अधिक परिवारों को आजीविका के संसाधनों से जोड़ चुकी है।
समाजसेवा में सुशील पाण्डेय द्वारा HIV, टीबी, मलेरिया, और गैर-संचारी रोगों की रोकथाम व उपचार के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने 5000 से अधिक बच्चों को शिक्षा, संरक्षण, और दत्तक ग्रहण जैसी योजनाओं से जोड़ा है।
ग्लोबल एक्सीलेंस समिट में सुशील को उनकी सामाजिक प्रतिबद्धता, मानव सेवा और जनहित के कार्यों के लिए डॉक्टरेट की उपाधि से नवाजा गया। उन्हें IFIA Award से भी सम्मानित किया गया और अमेरिकन मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी द्वारा ब्रांड एम्बेसडर भी घोषित किया गया है।
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