अयोध्या। उत्तर प्रदेश के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए चढ़ावे और आभूषणों के कथित गबन का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस विवाद को लेकर धार्मिक और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है।
श्रद्धा चोरी- धीरेन्द्र शास्त्री
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, रावण तो यह भी हैं, बस रूप बदल गए हैं। रावण ने माता जानकी की चोरी की थी, लेकिन यहां राम मंदिर के दान पात्र में लाखों लोगों की श्रद्धा चोरी हुई है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यह केवल धन का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के विश्वास से जुड़ा विषय है।
उन्होंने आगे कहा, खबर मिली है कि मामले में FIR हुई है। जांच आगे बढ़ेगी और जो दोषी हैं वे पकड़े जाएंगे। जो राम मंदिर के दान की चोरी करेगा, उसे सरकारी दंड के साथ भगवान का दंड भी मिलेगा।
78.85 लाख रुपए बरामद
इधर, मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को शुक्रवार (26 जून) को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जाच एजेंसियों ने आरोपियों के पास से अब तक 79.85 लाख रुपए बरामद करने का दावा किया है।
इस बीच मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे “धर्मयुद्ध” बताते हुए कथित दोषियों के सामाजिक बहिष्कार की बात कही।
भाजपा का लंकाकांड- सपा
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “भाजपा का लंकाकांड अयोध्या से शुरू हो गया है।” वहीं कांग्रेस ने मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग उठाई है।
दूसरी ओर भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए इसे सपा और कांग्रेस की साजिश बताया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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