इंदौर। मध्य प्रदेश में महज 60 रुपए के नाश्ते ने इंदौर में नकली नोटों के बड़े खेल का पर्दाफाश कर दिया। 200 रुपए का जाली नोट खपाने पहुंचे एक युवक की घबराहट ने पूरे गिरोह को पुलिस के शिकंजे में ला दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 84 हजार रुपए के नकली नोट, प्रिंटिंग मशीन और अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
खुल गया राज
जानकारी के अनुसार, देपालपुर निवासी दीपक पटेल नावदापंथ रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में नाश्ता करने पहुंचा था। 60 रुपए का नाश्ता करने के बाद उसने भुगतान के लिए 200 रुपए का नोट दिया। रेस्टोरेंट संचालक को नोट पर संदेह हुआ तो दीपक घबरा गया और नोट वापस थैली में रखकर भागने लगा। उसकी हरकत देख कर्मचारियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।
जाली नोट बरामद
पुलिस जांच में दीपक के बैग से 200 रुपए के 20 जाली नोट बरामद हुए। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि ये नोट उसे सिंगापुर टाउनशिप निवासी संजय वैष्णव ने दिए थे। इसके बाद पुलिस ने संजय और मानपुर निवासी रवि प्रताप को भी गिरफ्तार कर लिया।
DCP नरेंद्र रावत के अनुसार, तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से नकली नोट छापने की प्रिंटिंग मशीन, नकली नोट और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संजय पहले भी इस तरह के मामले में पकड़ा जा चुका है। जमानत पर छूटने के बाद वह फिर नकली नोटों का कारोबार करने लगा।
छोटे दुकानदारों को बनाते थे निशाना
पुलिस के मुताबिक, आरोपी नकली नोट खपाने के लिए अक्सर चाय-नाश्ते की दुकानों, पान ठेलों और सब्जी विक्रेताओं को निशाना बनाते थे। भीड़भाड़ के कारण दुकानदारों को नोट जांचने का समय नहीं मिलता और आरोपी आसानी से जाली नोट चला देते हैं।
ऐसे करें 200 रुपए के असली नोट की पहचान
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह ने अब तक कहां-कहां नकली नोट खपाए और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
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