टोक्यो। जापान में बढ़ती गर्मी और लगातार पड़ रही हीटवेव के बीच टोक्यो मेट्रोपॉलिटन सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए ऑफिस ड्रेस कोड में बड़ा बदलाव किया है। अब सरकारी कर्मचारी पारंपरिक सूट-टाई की बजाय शॉर्ट्स, पोलो टी-शर्ट और स्नीकर्स पहनकर कार्यालय आ सकेंगे। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों को गर्मी से राहत देना, एयर कंडीशनर (AC) के इस्तेमाल को कम करना और ऊर्जा की बचत को बढ़ावा देना है। हालांकि, इस फैसले के बाद सोशल मीडिया और दफ्तरों में ड्रेस कोड को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
Tokyo Cool Biz अभियान के तहत मिली छूट
जापान में लंबे समय से औपचारिक ड्रेस कोड का पालन किया जाता रहा है, जहां ऑफिस में सूट और टाई पहनना पेशेवर संस्कृति का हिस्सा माना जाता है। लेकिन अब टोक्यो सरकार ने 'Tokyo Cool Biz' अभियान के तहत कर्मचारियों को मौसम के अनुरूप हल्के और आरामदायक कपड़े पहनने की अनुमति दी है।
नई व्यवस्था के तहत पुरुष कर्मचारी शॉर्ट्स, पोलो टी-शर्ट और स्नीकर्स पहनकर ऑफिस आ सकते हैं। सरकार का मानना है कि इससे कर्मचारियों को भीषण गर्मी में राहत मिलेगी और एसी की जरूरत कम पड़ेगी, जिससे बिजली की खपत में भी कमी आएगी।
2005 में हुई थी अभियान की शुरुआत
'कूल बिज़' अभियान की शुरुआत वर्ष 2005 में जापान सरकार ने ऊर्जा संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन कम करने के उद्देश्य से की थी। शुरुआत में कर्मचारियों को बिना टाई और हल्के कपड़ों में काम करने की छूट दी गई थी। अब बढ़ते तापमान को देखते हुए इस अभियान को और अधिक लचीला बनाया गया है।
महिला कर्मचारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
सरकार के इस फैसले पर कर्मचारियों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कुछ महिला कर्मचारियों ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि पुरुषों के शॉर्ट्स पहनकर आने से उनके पैरों के बाल दिखाई देते हैं, जिससे वे असहज महसूस करती हैं। वहीं कई कर्मचारियों का कहना है कि आरामदायक ड्रेस कोड से गर्मी के मौसम में काम करना आसान होगा और कार्यक्षमता भी बेहतर रहेगी।
बढ़ती गर्मी बनी वजह
जापान इस साल भी रिकॉर्ड गर्मी और हीटवेव का सामना कर रहा है। कई इलाकों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है। रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले वर्ष हीट स्ट्रोक के कारण एक लाख से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इसी चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने कर्मचारियों को हल्के कपड़े पहनने की अनुमति दी है, ताकि गर्मी का प्रभाव कम हो और ऊर्जा की बचत भी हो सके।
सरकार का मानना है कि बदलती जलवायु परिस्थितियों में कार्यस्थलों की नीतियों में लचीलापन लाना समय की जरूरत है। वहीं, इस फैसले ने कार्यस्थल पर पेशेवर पहनावे और व्यक्तिगत सुविधा के बीच संतुलन को लेकर नई चर्चा भी छेड़ दी है।
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