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आजादी का दूसरा आंदोलन' का आह्वान, अस्पताल से सोनम वांगचुक का हस्तलिखित संदेश, 20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल होने की अपील

 Newsbaji  |  Jul 19, 2026 10:46 AM  | 
Last Updated : Jul 19, 2026 10:46 AM
सोनम वांगचुक का हस्तलिखित संदेश, 20 जुलाई संसद मार्च में शामिल होने की अपील
सोनम वांगचुक का हस्तलिखित संदेश, 20 जुलाई संसद मार्च में शामिल होने की अपील

दिल्ली। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी पत्नी गीतांजलि के माध्यम से एक हस्तलिखित संदेश जारी कर 20 जुलाई 2026 को प्रस्तावित संसद मार्च में अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की है। अपने संदेश में उन्होंने इस अभियान को "आजादी का दूसरा आंदोलन" बताते हुए इसे "अन्याय मुक्त भारत" और "डर से मुक्त भारत" की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

सोनम वांगचुक ने अपने संदेश में लिखा, "आजादी का दूसरा आंदोलन, भय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत।" इसके साथ उन्होंने अंग्रेजी में "Freedom from Injustice (Like Paper Leaks)" और "Freedom from Fear (my alleged illegal detention)" भी लिखा। संदेश में उन्होंने पेपर लीक जैसे मामलों से मुक्ति और अपनी कथित अवैध हिरासत का उल्लेख करते हुए 20 जुलाई के संसद मार्च को सफल बनाने का आह्वान किया। संदेश के अंत में उन्होंने लिखा कि यह संदेश उनकी पत्नी गीतांजलि के माध्यम से सफदरजंग अस्पताल से भेजा गया है।

गौरतलब है कि, जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल अपडेट के मुताबिक उनके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतक (वाइटल पैरामीटर) फिलहाल स्थिर हैं, हालांकि लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण रक्त जांच के कुछ मानक सामान्य से थोड़ा प्रभावित पाए गए हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि शरीर पर पड़े प्रभावों को देखते हुए उन्हें विशेषज्ञों की बहु-विषयक टीम की निगरानी में रखा गया है और आवश्यक उपचार जारी है।

इस बीच, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (JNUTA) ने 18 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। संगठन ने इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को जबरन लागू करने वाली सोच का परिणाम बताया और 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च के समर्थन की घोषणा की। JNU शिक्षक संगठन ने भी सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज उठाते हुए शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार की वकालत की है।

20 जुलाई 2026 के संसद मार्च को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गतिविधियां तेज हो गई हैं। ऐसे में सोनम वांगचुक का अस्पताल से जारी यह संदेश आंदोलन को नई ऊर्जा देने वाला माना जा रहा है।

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