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राज्य शिक्षक सम्मान समारोह में 63 उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान, 2026-27 के लिए 64 शिक्षकों के नामों की घोषणा

 Newsbaji  |  Sep 05, 2026 02:43 PM  | 
Last Updated : Sep 05, 2026 02:43 PM
राज्य शिक्षक सम्मान समारोह में उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान करते राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
राज्य शिक्षक सम्मान समारोह में उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान करते राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम् में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित हुआ। समारोह में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 63 शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की घोषणा की।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि, शिक्षा की दुनिया तेजी से बदल रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए नई तकनीकों से परिचित होना जरूरी है, लेकिन तकनीक का उपयोग विवेक, जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि “AI हमारा सहायक बने, हमारा नियंत्रक नहीं।”

तकनीक जानकारी दे सकती है, संस्कार गुरु ही देते हैं
राज्यपाल ने कहा कि, आज हम गूगल के युग में हैं और जानकारी हासिल करने के लिए तकनीक पर हमारी निर्भरता लगातार बढ़ रही है। इसका असर स्वतंत्र चिंतन और बौद्धिक विकास पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि तकनीक निश्चित रूप से उपयोगी है, लेकिन उसका विवेकपूर्ण उपयोग सीखना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि तकनीक हमें जानकारी दे सकती है, लेकिन संस्कार, संवेदना, अनुशासन और प्रेरणा गुरु से ही मिलती है। शिक्षकों को विद्यार्थियों को तकनीक का सही उपयोग करने के लिए प्रेरित करना चाहिए, ताकि वे तकनीक के उपयोगकर्ता बनें, उसके गुलाम नहीं।

NEP-2020 में व्यावहारिक और कौशल आधारित शिक्षा पर जोर
राज्यपाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, कौशल आधारित, बहुभाषी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव होंगे। ऐसे में शिक्षकों को अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने के साथ विद्यार्थियों की रुचि और प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना होगा।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के करियर चयन में मार्गदर्शन और काउंसलिंग की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। शिक्षक केवल कक्षा में पढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिक्षक केवल पेशा नहीं, एक नोबल प्रोफेशन : राज्यपाल
शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक नोबल प्रोफेशन है। शिक्षक अपने आचरण से विद्यार्थियों को प्रेरित करते हैं और नई पीढ़ी के आदर्श बनते हैं। इसलिए शिक्षकों को शिक्षा की गरिमा बनाए रखते हुए अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और समर्पण से निर्वहन करना चाहिए।

अपने विद्यार्थी जीवन को याद करते हुए कहा कि, पुराने समय में शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच आदर, सम्मान और आत्मीयता का गहरा संबंध होता था। शिक्षकों को सीमित वेतन के बावजूद सेवा और समर्पण की भावना से काम करते देखा गया है। उन्होंने कहा कि यही सेवा भावना आज भी शिक्षकों में बनी रहनी चाहिए।

मुख्यमंत्री बोले- शिक्षक राष्ट्र के निर्माता
समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि, शिक्षक राष्ट्र के निर्माता हैं। राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके समर्पण, कठिन परिश्रम और उत्कृष्ट कार्यों का परिणाम है।

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की शिक्षा परंपरा अत्यंत गौरवशाली रही है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री या नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्ति को सक्षम बनाना और उसे समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान के लिए तैयार करना है।

बस्तर में ओरछा और जगरगुंडा में विकसित होंगी एजुकेशन सिटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि, बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शिक्षा विभाग की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। शिक्षक ज्ञान, संस्कार और कौशल के माध्यम से नई पीढ़ी का भविष्य गढ़ते हैं।

AI आधारित स्मार्ट स्कूलों पर जोर
विशिष्ट अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि, प्रदेश में AI आधारित स्मार्ट स्कूल बनाए जा रहे हैं। बच्चों में बेहतर संस्कार विकसित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नवाचार की दिशा में छत्तीसगढ़ को आगे ले जाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

4 शिक्षकों को स्मृति पुरस्कार

  • राज्यस्तरीय समारोह में चार उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें-
  • राजेश कुमार प्रजापति, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई- डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार
  • कामता प्रसाद जायसवाल, कोरबा- डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार
  • प्रज्ञा सिंह, दुर्ग- डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार
  • प्रियंका गोस्वामी, सारंगढ़-बिलाईगढ़- गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार शामिल हैं।

इसके अलावा प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक और सहायक शिक्षक एल.बी. वर्ग के 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से नवाजा गया। 
 

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