रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं सरगुजा संभाग के प्रभारी राजेश दुबे ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की शिक्षा नीति और बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज कर सरकार ने अपनी तानाशाही और क्रूर मानसिकता का परिचय दिया है।
राजेश दुबे ने जारी बयान में कहा कि छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री से चर्चा की मांग को लेकर प्रधानमंत्री आवास के सामने शांतिपूर्ण धरने पर पहुंचे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी के साथ भी पुलिस ने अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि, राहुल गांधी को घसीटते हुए गिरफ्तार किया गया, जबकि प्रियंका गांधी के साथ धक्का-मुक्की और घसीटने जैसी कार्रवाई की गई, जो लोकतंत्र और संविधान की भावना के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि, लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को बल प्रयोग के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। राजेश दुबे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विरोध की आवाज को दबाने के लिए दमनात्मक नीति अपना रही है।
केंद्र सरकार की कार्यशैली की तुलना ब्रिटिश शासन से
अपने बयान में उन्होंने वर्तमान केंद्र सरकार की कार्यशैली की तुलना ब्रिटिश शासन से करते हुए कहा कि जिस प्रकार अंग्रेज जनता की आवाज को दबाने का प्रयास करते थे, उसी प्रकार आज भी विरोध को कुचलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और देश की जनता अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी।
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