गौरेला-पेड्रा-मरवाही। पेंड्रा के कोटमी साप्ताहिक बाजार में मंगलवार शाम हुई सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी उर्फ पप्पू की गोली मारकर हत्या और लाखों के जेवरात की लूट ने सरकार और पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर पुलिस चौकी से कुछ ही कदम की दूरी पर बदमाश इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर आसानी से कैसे फरार हो गए?
सीने में दाग दी गोली
जानकारी के अनुसार, पेंड्रा निवासी प्रदीप सोनी रोज की तरह कोटमी बाजार में सोने-चांदी की दुकान लगाने पहुंचे थे। शाम को दुकान समेटने के दौरान पल्सर बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाश बाजार में पहुंचे और सीधे व्यापारी को निशाना बनाते हुए सीने में गोली मार दी। वारदात के बाद आरोपी लाखों के जेवरात लूटकर फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पूरी घटना कुछ ही मिनटों में हुई और बाजार में मौजूद लोग दहशत में इधर-उधर भागने लगे।
सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि, जिस बाजार में हर हफ्ते 10 से 15 सर्राफा व्यापारी लाखों रुपए के जेवरात लेकर कारोबार करने आते हैं, वहां सुरक्षा के नाम पर कोई इंतजाम नहीं था। व्यापारियों का आरोप है कि बाजार के पास पुलिस चौकी होने के बावजूद न तो जवान तैनात किए जाते हैं और न ही नियमित गश्त होती है।
घटना के बाद गुस्साए परिजन, सर्राफा व्यापारी और स्थानीय लोगों ने शव को पेंड्रा के दुर्गा चौक पर रखकर चक्काजाम किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अगर प्रशासन ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था की होती तो एक व्यापारी की जान नहीं जाती।
दिनदहाड़े हत्या
लोगों का आरोप है कि, क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अपराधों के बावजूद सरकार और प्रशासन केवल दावे कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हो रही है। दिनदहाड़े भीड़भाड़ वाले बाजार में हुई इस हत्या ने आम लोगों और व्यापारियों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।
फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश में नाकेबंदी की गई है, लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है, आखिर सुरक्षा व्यवस्था की इस भारी चूक का जिम्मेदार कौन है?
Copyright © 2021 Newsbaji || Website Design by Ayodhya Webosoft