बीजापुर. छत्तीसगढ़ का धुर नक्सल इलाका कहा जाने वाला बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिले के बीच स्थित है जगरगुंडा. बीजापुर T Point से 55 किलोमीटर दूर इस जगह तक का सफर न्यूजबाजी की टीम ने पूरी कर वहां के हालात को जाना और समझा. ठीक इसी रास्ते पर वह सिलगेर भी है जो 2 साल पहले सुलगा था. जहां हजारों की संख्या में आदिवासी यहां नए कैंप खुलने व सड़क निर्माण का विरोध कर रहे थे. जिसे लेकर सीएम भूपेश बघेल ने कहा है कि इलाके के ग्रामीणों ने बताया कि अगर उन्हें मुआवजा देते हैं तो नक्सली ले लेंगे, और अगर नौकरी दी तो उन्हें मार देंगे. कई और गोपनीय बातें.
बता दें कि बीजापुर T Point से जगरगुंडा करीब 55 किलोमीटर है, लेकिन सड़क पूरी तरह नहीं बन पाई है. बीच में सिलगेर का मसला आ गया और फिर कई और बाधाएं. जहां तक सड़क बिछी है उसे बनाने के दौरान 41 जवान शहीद हुए. 89 एनकाउंटर तो 68 बार IED ब्लास्ट हुए. लेकिन, अब जो नए हालात दिख रहे हैं उस पर गौर करें तो राशन दुकान से लेकर आंगनबाड़ी केंद्र तक खुले. सालों से बंद पड़े अस्पतालों में इलाज शुरू हो गया है.
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