रायपुर। छत्तीसगढ़ का केन्द्रीय जेल रायपुर एक बार फिर से सुर्खियों में है। शनिवार की सुबह आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक कैदी ने बैरक के दरवाजे पर फांसी की फंदे पर झूल गया। इस घटना ने एक बार फिर जेल की भीतरी सुरक्षा व्यवस्था निगरानी की पोल खोल कर रख दी है। बताया जा रहा है कि जिस समय कैदी ने जान दी उस समय बैरक में वह अकेला था। कैदी हत्या और अपहण जैसे मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।
इससे पहले भी हो चुकी है घटनाएं
जेल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2017 में केन्द्रीय जेल में कैदी को लाया गया था। फिलहाल कैदी ने फांसी लगाकर खुदकुशी क्यों की कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। मामले की न्यायिक जांच की जा रही है। बता दे कि, इससे पहले भी कई कैदियों ने खुदकुशी की कोशिश या खुदकुशी की है। इसी वर्ष की शुरुआत यानी जनवरी माह में एक अफ्रीकन ड्रग्स डीलर ने फांसी लगाकर खुदकुशी की थी। अपने ही सेल पर फांसी के फंदे पर लटकता दिखा था। उसे 2021 में गिरफ्तार किया गया था। वहीं, नवंबर 2024 में फायरिंग की भी घटना हुई थी। जिसमें एक युवक बुरी तरह से घायल हुआ था।
न्यायिक जांच- जेल प्रबंधन
जेल अधीक्षक अमित शांडिल्य ने बताया कि, मृतक कैदी झारागांव थाना खल्लारी जिला महासमुंद का रहने वाला था। शनिवार की सुबह 10 बजे आजीवन कारावास की सजा काट रहा कैदी हत्या, अपहरण और पास्को जैसे मामले में शामिल था। घटना साल 2016 की थी और रायपुर केन्द्रीय जेल में कैदी को 2017 में लाया गया था।
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