रायपुर/दुर्ग/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले की जांच तेज हो गई है। गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रायपुर, भिलाई, कोरबा, अंबिकापुर और बिलासपुर समेत कई शहरों में एक साथ छापेमार कार्रवाई की। एजेंसी अब इस मामले में नेताओं और IAS अफसरों तक पहुंचने वाली कथित घोटाले की रकम को खोज रही है।
दुर्ग-भिलाई के महेश कॉलोनी में अमर इंफ्रा के संचालक और भाजपा नेता चतुर्भुज राठी के घर पर टीम ने दस्तावेजों की जांच की। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि, जिन इलाकों से भारतमाला प्रोजेक्ट गुजरना था, वहां प्रभावशाली लोगों ने रिश्तेदारों के नाम पर जमीन खरीदी और बाद में उसी पर भारी मुआवजा लिया। पटवारियों और राजस्व निरीक्षकों द्वारा तैयार प्रकरण कलेक्टरों के हस्ताक्षर के बाद पास किए गए।
इससे पहले 27 अप्रैल 2026 को ED ने धमतरी के कुरुद और अभनपुर में भी छापेमारी कर अहम दस्तावेज जब्त किए थे, जिनसे राजनीतिक कड़ियों के जुड़ने के संकेत मिले हैं। कुछ दस्तावेज एक बड़े भाजपा नेता से जुड़े बताए जा रहे हैं।
वहीं बिलासपुर में सराफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के घर और प्रतिष्ठानों पर भी छापा पड़ा। उनके भाई विकास अग्रवाल का नाम पहले से चर्चित शराब घोटाले में सामने आ चुका है और उसे फरार बताया जा रहा है।
ED की इस कार्रवाई से प्रदेश में राजनीतिक और कारोबारी हलकों में हलचल बढ़ गई है। जांच एजेंसी आने वाले दिनों में और चौकाने वाले खुलासे कर सकती है।
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