रायपुर/धमतरी। छत्तीसगढ़ में सोमवार सुबह जांच एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई ने सियासी हलचल तेज कर दी है। भारतमाला परियोजना में कथित मुआवजा घोटाले की जांच अब पूर्व मंत्री और कुरूद विधायक अजय चंद्राकर के करीबियों तक पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की संयुक्त टीमों ने कुरूद सहित कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
जानकारी के मुताबिक, 27 अप्रैल की सुबह जांच टीम दो वाहनों में कुरूद पहुंची और भूपेंद्र चंद्राकर के निवास पर दबिश दी। भूपेंद्र चंद्राकर को पूर्व मंत्री का करीबी रिश्तेदार बताया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर CRPF के जवानों को तैनात किया गया और घर के सभी प्रवेश-निकास मार्गों को सील कर दिया गया। बाहरी लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई।
जांच एजेंसियों ने पूर्व राइस मिल अध्यक्ष रोशन चंद्राकर के ठिकानों पर भी छापा मारा। सूत्रों के अनुसार, टीम बैंकिंग रिकॉर्ड, जमीन से जुड़े दस्तावेज, संपत्ति के कागजात और डिजिटल डिवाइस की गहन जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज जब्त होने की संभावना जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि, यह पूरा मामला भारतमाला परियोजना के तहत अधिग्रहित जमीनों के मुआवजे में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। आरोप है कि मुआवजा राशि के वितरण में बड़े स्तर पर हेरफेर और वित्तीय अनियमितताएं की गईं। EOW ने पहले ही इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की थी, जिसके आधार पर अब ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से अपनी जांच तेज कर दी है।
इस कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। कुरूद जैसे अहम विधानसभा क्षेत्र में हुई इस छापेमारी से प्रशासनिक और स्थानीय स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है। फिलहाल जांच एजेंसियां कार्रवाई पूरी होने तक कोई आधिकारिक बयान देने से बच रही हैं।
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