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नए आपराधिक कानूनों से न्याय व्यवस्था होगी डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध, बोले- CM विष्णुदेव साय

 Newsbaji  |  Aug 02, 2026 08:13 PM  | 
Last Updated : Aug 02, 2026 08:13 PM
रायपुर में 'स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस' की कार्यशाला
रायपुर में 'स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस' की कार्यशाला

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि, नए आपराधिक कानून भारत की न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लेकर आए हैं। इनका उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि आम नागरिक को त्वरित, पारदर्शी, सुलभ और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना है। आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्रणालियों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के समावेश से न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाया गया है।

राजधानी रायपुर में आयोजित "स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस" राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) लागू किए गए हैं। इन कानूनों ने डिजिटल साक्ष्य, CCTV फुटेज, मोबाइल चैट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और फॉरेंसिक जांच को कानूनी मान्यता देकर अपराध अनुसंधान और अभियोजन को मजबूत बनाया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि, छत्तीसगढ़ के सभी पुलिस थाने ऑनलाइन मोड में कार्य कर रहे हैं और अब तक 1,97,547 ऑनलाइन FIR दर्ज की जा चुकी हैं। नागरिकों को डिजिटल हस्ताक्षरित FIR की प्रति भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि ई-समन, ई-साक्ष्य, न्याय श्रुति, CCTNS और इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं से न्याय प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और प्रभावी हुई है।

उन्होंने कहा कि, राज्य में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की शाखा शुरू होने से वैज्ञानिक जांच को नई गति मिलेगी। साइबर अपराधों से निपटने के लिए नौ नए साइबर थाने स्थापित किए गए हैं और अधिकारियों-कर्मचारियों को नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मुख्य न्यायाधीश ने तकनीकी को सराहा
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से न्याय प्रणाली अधिक वैज्ञानिक, तकनीक आधारित और पारदर्शी बनेगी। उन्होंने बताया कि जून माह में जिला न्यायालयों में 9,910 तथा उच्च न्यायालय में 58 मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। उन्होंने न्याय श्रुति और ई-साक्ष्य जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं के व्यापक उपयोग पर जोर दिया।

उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, नए कानूनों का उद्देश्य निचली अदालत से लेकर उच्चतम न्यायालय तक न्यायिक प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना है। उन्होंने "वन डेटा, वन एंट्री" की अवधारणा, FIR की मैनुअल प्रक्रिया समाप्त करने तथा ई-फॉरेंसिक, ई-साक्ष्य, CCTNS और DNA सैंपलिंग जैसी आधुनिक प्रणालियों के अधिकाधिक उपयोग पर बल दिया।

मुख्य बिंदु:

  • नए आपराधिक कानूनों से न्याय प्रक्रिया होगी अधिक डिजिटल और पारदर्शी।
  • छत्तीसगढ़ में अब तक 1.97 लाख से अधिक ऑनलाइन एफआईआर दर्ज।
  • सभी पुलिस थाने ऑनलाइन प्रणाली से जुड़े।
  • नौ नए साइबर थानों की शुरुआत।
  • ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय श्रुति और ICJS जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं पर जोर।
  • नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों का सतत प्रशिक्षण।

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