चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता से नेता बने विजय ने अपने पहले स्वतंत्रता दिवस संबोधन में सामाजिक एकता, भ्रष्टाचार-मुक्त शासन और तमिलनाडु के विकास का स्पष्ट रोडमैप पेश किया। चेन्नई के ऐतिहासिक फोर्ट सेंट जॉर्ज में ध्वजारोहण के बाद प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को वास्तविक अर्थों में आजादी तभी मिलेगी, जब समाज जाति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठेगा।
स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विजय ने कहा कि, जब लोगों को यह एहसास होता है कि उन्हें गुलाम बनाकर रखा गया है, तब वे एकजुट होने लगते हैं। इसी एकजुटता से धर्म और जाति जैसी सामाजिक बेड़ियां टूटती हैं और यही सच्ची स्वतंत्रता है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी लोगों ने इसी एकता की ताकत को महसूस किया था।
भ्रष्टाचार से मुक्ति भी एक तरह की आजादी
मुख्यमंत्री विजय ने अपने भाषण में भ्रष्टाचार के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकारी अधिकारियों और प्रदेश की जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की मुहिम में सहयोग करने की अपील की। विजय ने कहा कि तमिलनाडु को भ्रष्टाचार के चंगुल से मुक्त कराना भी एक तरह की आजादी है। उनके इस बयान को शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सरकार के संभावित फोकस के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
केंद्र से सहयोग, लेकिन तमिलनाडु के हितों से समझौता नहीं
केंद्र और राज्य के संबंधों पर भी मुख्यमंत्री ने अपना रुख स्पष्ट किया। विजय ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों और विकास से जुड़े मामलों में उनकी सरकार केंद्र के साथ मिलकर काम करेगी, लेकिन जब तमिलनाडु के हितों की बात आएगी तो किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उनका यह बयान राज्य के अधिकारों और तमिलनाडु के हितों को लेकर उनकी सरकार की राजनीतिक प्राथमिकताओं को रेखांकित करता है।
DMK और AIADMK की योजनाएं रहेंगी जारी
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत दिए। उन्होंने कहा कि, जनता के हित में शुरू की गई योजनाओं को राजनीतिक बदलाव के कारण बंद नहीं किया जाएगा। विजय ने AIADMK सरकार की ‘अम्मा उनावगम’ (अम्मा कैंटीन) और DMK सरकार की स्कूली बच्चों के लिए नाश्ता योजना का उल्लेख करते हुए संकेत दिया कि जनहितकारी योजनाओं की निरंतरता उनकी सरकार की प्राथमिकता रहेगी।
2036 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
तमिलनाडु के आर्थिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री विजय ने बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य 2036 तक तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए उन्होंने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे तमिल समुदाय और राज्य की युवा पीढ़ी, खासकर Gen Z, से विकास यात्रा में सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की।
सिर्फ वोट देना काफी नहीं
मुख्यमंत्री विजय ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों की निरंतर भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में केवल मतदान करना पर्याप्त नहीं है। सरकार की योजनाओं और विकास कार्यक्रमों को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जनता का निरंतर सहयोग और भागीदारी जरूरी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से सरकार के साथ मिलकर तमिलनाडु को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया।
स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के लिए नई घोषणाएं
मुख्यमंत्री विजय ने स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए कई नए उपायों की घोषणा भी की। इन घोषणाओं को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सरकार की ओर से स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को सम्मान देने की पहल के रूप में देखा गया।
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