बारां/फतेहपुर। राजस्थान के बारां जिले के फतेहपुर में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में 3 मासूम सगी बहनों की करंट लगने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान अवंतिका (6), सलोनी (4) और संध्या (2) के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। एक साथ तीन बेटियों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कूलर में करंट आने से हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मध्यप्रदेश के निहालदेवी निवासी मदनलाल सहरिया अपने परिवार के साथ फतेहपुर में कृषि मजदूरी कर रहा था। इसी दौरान घर में लगे कूलर में अचानक करंट उतर आया। बताया जा रहा है कि, सबसे पहले एक बच्ची कूलर की चपेट में आई। उसे बचाने के लिए उसकी बहन पहुंची तो वह भी करंट की चपेट में आ गई। इसके बाद तीसरी मासूम बहन भी दोनों को बचाने के प्रयास में कूलर के संपर्क में आ गई। कुछ ही क्षणों में तीनों बहनें करंट की चपेट में आ गईं।
अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
हादसे के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिजन तीनों बच्चियों को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मजदूरी के लिए परिवार समेत आया था पिता
मदनलाल सहरिया मध्यप्रदेश के निहालदेवी का रहने वाला है। वह फतेहपुर में कृषि मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। रोजी-रोटी की तलाश में परिवार के साथ दूसरे स्थान पर आए मदनलाल ने कभी नहीं सोचा होगा कि घर में इस्तेमाल होने वाला एक सामान्य विद्युत उपकरण उसके परिवार की तीन मासूम खुशियां छीन लेगा।
तीन मासूमों की मौत से गांव में शोक
अवंतिका, सलोनी और संध्या की उम्र क्रमशः 6, 4 और 2 वर्ष थी। तीनों बहनों की एक साथ मौत की खबर से परिवार ही नहीं, बल्कि गांव और आसपास के क्षेत्र में भी शोक की लहर है। घटना ने घरेलू विद्युत उपकरणों की सुरक्षा और समय-समय पर उनकी विद्युत जांच की जरूरत को भी सामने ला दिया है।
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