भिलाई। ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर भिलाई नगर क्षेत्र के एक सेवानिवृत्त BSP कर्मचारी से 45 लाख 18 हजार 998 रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। फेसबुक पर ऑनलाइन ट्रेडिंग एवं निवेश से संबंधित विज्ञापन देखने के बाद पीड़ित आरोपियों के संपर्क में आया था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की जांच के आधार पर एक आरोपी को मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से गिरफ्तार किया है।
फेसबुक विज्ञापन के जरिए बनाया गया संपर्क
जानकारी के अनुसार, पीड़ित ने 10 मार्च 2026 को फेसबुक पर ऑनलाइन ट्रेडिंग एवं निवेश से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन के माध्यम से संपर्क करने वाले लोगों ने खुद को निवेश एवं ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़ी संस्था का प्रतिनिधि बताया और कम समय में अधिक लाभ कमाने का लालच दिया।
आरोपियों की बातों पर विश्वास कर पीड़ित ने निवेश प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद आरोपियों ने पंजीयन शुल्क, ट्रेडिंग निवेश, मार्जिन राशि और अन्य अलग-अलग शुल्क के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन रकम जमा कराई।
45 लाख से अधिक जमा कराने के बाद भी नहीं मिली रकम
पीड़ित द्वारा अलग-अलग तिथियों में कुल 45,18,998 रुपए जमा किए जाने के बाद जब निवेश की रकम वापस मांगी गई, तो आरोपियों ने कथित रूप से क्रॉस बॉर्डर ट्रांजेक्शन, टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर फिर अतिरिक्त रकम की मांग की। लगातार नई-नई रकम की मांग किए जाने पर पीड़ित को साइबर ठगी का संदेह हुआ। इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की।
बैकिंग ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना भिलाई नगर में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने मामले में बैंकिंग ट्रांजेक्शन, तकनीकी साक्ष्यों और उपलब्ध डिजिटल जानकारी का बारीकी से विश्लेषण किया। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसकी तलाश करते हुए मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को विधिवत न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और ठगी की रकम के संबंध में पुलिस की विवेचना जारी है।
ऐसे दिया गया साइबर ठगी को अंजाम
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों का तरीका बेहद सुनियोजित था। सोशल मीडिया पर ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश में अधिक लाभ का लालच देने वाले विज्ञापनों के जरिए लोगों से संपर्क किया जाता था। इसके बाद खुद को संबंधित संस्था का प्रतिनिधि बताकर पीड़ित को विश्वास में लिया जाता था।
इसके बाद पंजीयन, निवेश, मार्जिन और अन्य शुल्क के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई जाती थी। जब पीड़ित अपनी रकम वापस मांगता था, तो टैक्स, क्रॉस बॉर्डर ट्रांजेक्शन अथवा अन्य शुल्क के नाम पर फिर से पैसे मांगे जाते थे।
बैतूल से आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में विशाल नागले (24 वर्ष), निवासी बैतूल, जिला बैतूल, मध्यप्रदेश को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से एक बैंक चेकबुक, एक आधार कार्ड और घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
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