रायपुर। प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। चार दिनों में ही 2,600 से अधिक NEET क्वालिफाइड अभ्यर्थी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इस बार काउंसलिंग के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। खास तौर पर सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट आवंटित होने के बाद प्रवेश नहीं लेने पर अभ्यर्थी को काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा।
सरकारी मेडिकल कॉलेज की सीट मिली तो एडमिशन जरूरी
पहले राउंड में यदि किसी अभ्यर्थी को सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट आवंटित होती है, तो उसे संबंधित कॉलेज में दस्तावेज सत्यापन के साथ प्रवेश भी लेना होगा। यदि अभ्यर्थी सीट मिलने के बावजूद प्रवेश नहीं लेता है तो वह काउंसलिंग से स्वतः बाहर हो जाएगा। इतना ही नहीं, चालू सत्र में वह दोबारा प्रवेश प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेगा। हालांकि, यदि अभ्यर्थी आवंटित कॉलेज से संतुष्ट नहीं है तो उसे अपग्रेडेशन का विकल्प मिलेगा। इसके जरिए वह अगले राउंड में बेहतर कॉलेज या सीट के लिए प्रयास कर सकेगा।
हर राउंड में नया रजिस्ट्रेशन, नई मेरिट लिस्ट
नई प्रवेश व्यवस्था के तहत प्रत्येक राउंड में अभ्यर्थियों को नए सिरे से ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। प्रत्येक राउंड के लिए नई मेरिट सूची भी जारी की जाएगी। इसलिए अभ्यर्थियों को हर राउंड की प्रक्रिया और निर्धारित तारीखों पर विशेष नजर रखनी होगी।
निजी कॉलेजों में सीट मिलने पर प्रवेश की बाध्यता नहीं
सरकारी मेडिकल कॉलेजों से अलग निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में सीट आवंटित होने के बाद प्रवेश लेना अनिवार्य नहीं होगा। अभ्यर्थी को दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा और वह अगले राउंड में शामिल रहने के लिए विकल्प दे सकता है।
16 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन, 17 अगस्त को च्वाइस फिलिंग
प्रदेश के 21 सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS प्रवेश के लिए अभ्यर्थी 16 अगस्त तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके बाद 17 अगस्त तक च्वाइस फिलिंग की जाएगी। सीट आवंटन की सूची 20 अगस्त को जारी होने की संभावना है।
प्रदेश में MBBS की 2,925 सीटें
प्रदेश में MBBS की कुल 2,925 सीटें हैं। इनमें से 2,629 सीटों पर राज्य स्तर की काउंसलिंग हो रही है। एक निजी मेडिकल कॉलेज में 50 अतिरिक्त सीटें आने की भी संभावना है। इसके अलावा 252 सीटें ऑल इंडिया कोटा और 44 सीटें सेंट्रल पूल के अंतर्गत हैं। ऑल इंडिया कोटा की सीटों के लिए दिल्ली से काउंसलिंग प्रक्रिया संचालित की जा रही है। वहीं सेंट्रल पूल के लिए केंद्र सरकार पात्र विद्यार्थियों के नाम तय कर संबंधित मेडिकल कॉलेजों को भेजती है। दस्तावेजों में कमी हुई तो प्रवेश से वंचित हो सकते हैं
अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन प्रवेश से ठीक पहले संबंधित मेडिकल कॉलेज में किया जाएगा। किसी आवश्यक दस्तावेज के नहीं होने पर अभ्यर्थी को प्रवेश से वंचित किया जा सकता है।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान फिलहाल दस्तावेज अपलोड करने की जरूरत नहीं है। हालांकि अभ्यर्थियों को NEET स्कोर/स्कोरकार्ड, जाति प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र सहित सभी जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने होंगे।
मेडिकल सर्टिफिकेट भी जरूरी
प्रवेश के समय मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करना होगा। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए संबंधित मेडिकल कॉलेजों ने अपने संबद्ध अस्पतालों में मेडिकल परीक्षण और सर्टिफिकेट की व्यवस्था की है। इससे विद्यार्थियों को मेडिकल प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अलग-अलग जगह भटकना नहीं पड़ेगा।
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे डीएमई और संबंधित मेडिकल कॉलेज की अधिकृत वेबसाइट पर उपलब्ध दस्तावेजों और प्रवेश संबंधी दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और काउंसलिंग की प्रत्येक समय-सीमा का पालन करें।
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