लखीसराय। बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हादसे में कई श्रद्धालुओं की मौत की सूचना है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि, मृतकों की संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। आधिकारिक आंकड़े की पुष्टि जिला प्रशासन की ओर से की जा रही है।
करंट की अफवाह और भीड़ के दबाव से बिगड़े हालात
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच मंदिर परिसर और आसपास श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ गई। इसी दौरान बिजली के पोल को लेकर करंट फैलने की अफवाह के बाद भीड़ में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि भीड़ के दबाव के चलते बैरिकेडिंग भी टूट गई और श्रद्धालु एक-दूसरे पर गिरने लगे।
कुछ ही देर में स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। कई श्रद्धालु भीड़ के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों और वहां मौजूद अन्य श्रद्धालुओं ने तत्काल राहत एवं बचाव का प्रयास शुरू किया।
महिलाओं की संख्या भी अधिक होने की जानकारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे में महिलाओं की संख्या भी काफी रही। भगदड़ के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग अपने परिजनों को तलाशते नजर आए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया।
घायलों को तत्काल लखीसराय सदर अस्पताल सहित अन्य चिकित्सा केंद्रों में भेजा गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं की डॉक्टरों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है।
मौके पर पहुंचा प्रशासन, बढ़ाई गई सुरक्षा
हादसे के बाद प्रशासन ने मंदिर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है और भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।
जिला प्रशासन के अनुसार मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए पहले से व्यवस्थाएं की गई थीं, लेकिन सुबह अचानक श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने और अप्रत्याशित भीड़ के दबाव के कारण स्थिति बिगड़ गई।
SDPO ने की घटना की पुष्टि
लखीसराय के SDPO शिवम कुमार ने एक निजी समाचार एजेंसी से घटना की पुष्टि की है। प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों और मृतकों एवं घायलों की वास्तविक संख्या की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
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