दिल्ली/मेरठ। जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच एक नया विवाद सामने आया है। प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था करने वाले स्वयंसेवक मोहम्मद जुनैद ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके घर पर छापा मारकर उनके पिता और नाबालिग भाई को हिरासत में ले लिया। वहीं मेरठ स्थित उनकी बहन के घर पर भी पुलिस कार्रवाई का दावा किया गया है।
जुनैद का कहना है कि, पुलिस ने उनके परिवार के आधार कार्ड और बैंक पासबुक समेत अन्य दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लिए। उनका आरोप है कि पुलिस ने परिवार से कहा कि "जुनैद को लेकर आओ, तब उन्हें छोड़ा जाएगा।"
CJP का सरकार और पुलिस पर हमला
इन आरोपों के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने उत्तर प्रदेश पुलिस और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस उनके स्वयंसेवक और उनके परिवार को परेशान कर रही है।
CJP ने बयान जारी कर कहा कि, उनकी कानूनी टीम पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और यदि कोई गैरकानूनी कार्रवाई हुई है तो उसे अदालत में चुनौती दी जाएगी। पार्टी ने यह भी कहा कि वह जुनैद और उनके परिवार को अकेला नहीं छोड़ेगी।
"मेरी गलती सिर्फ लोगों की सेवा करना है"- जुनैद
मोहम्मद जुनैद ने कहा कि, वह 20 जून 2026 से जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं शून्य अपराधी हूं। मेरी गलती सिर्फ इतनी है कि मैं यहां लोगों की सेवा कर रहा हूं।"
छात्र नेता ने भी लगाए आरोप
मामले में JNU के छात्र नेता दानिश अली ने भी उत्तर प्रदेश पुलिस पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जुनैद के घर और उनकी बहन के घर पर छापेमारी की गई तथा परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए सरकार पर परिवार को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
फिलहाल इन सभी आरोपों पर उत्तर प्रदेश पुलिस या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
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