मुंबई। भारतीय सिनेमा और टेलीविजन जगत के वरिष्ठ अभिनेता प्रदीप सिंह रावत का मंगलवार (4 अगस्त) की शाम निधन हो गया। वे 74 वर्ष के थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वे लंबे समय से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे और मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
जीवन परिचय
प्रदीप सिंह रावत का जन्म 21 जनवरी 1952 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था। उन्होंने हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली, भोजपुरी और नेपाली फिल्मों में अपनी दमदार अभिनय प्रतिभा का परिचय दिया। खलनायक के रूप में उनकी अलग पहचान रही और उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए। टीवी दर्शकों के बीच उन्हें सबसे अधिक लोकप्रियता बी.आर. चोपड़ा के ऐतिहासिक धारावाहिक 'महाभारत' में अश्वत्थामा की भूमिका से मिली। उनकी प्रभावशाली स्क्रीन उपस्थिति और दमदार अभिनय ने इस किरदार को अमर बना दिया।
यहां किया काम
बॉलीवुड में प्रदीप रावत ने 'सरफरोश', 'लगान', 'गजनी', 'अग्निपथ', 'कोयला', 'मेजर साब', 'बागी' और 'ऐतबार' जैसी कई चर्चित फिल्मों में अभिनय किया। फिल्म 'लगान' में निभाया गया देवा सिंह सोढ़ी का किरदार उनके करियर का अहम पड़ाव साबित हुआ। वहीं, तमिल फिल्म 'गजनी' में निभाए गए अपने किरदार को उन्होंने आमिर खान अभिनीत हिंदी रीमेक में भी दोहराया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
दक्षिण भारतीय सिनेमा में उन्होंने तेलुगु फिल्म 'स्ये' से पहचान बनाई। इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म 'परोडी', मलयालम फिल्म 'चाइना टाउन', बंगाली फिल्म 'हीरो 420', भोजपुरी फिल्म 'क्रैक फाइटर' और नेपाली सिनेमा में भी उल्लेखनीय योगदान दिया।
प्रदीप सिंह रावत के निधन से फिल्म और टेलीविजन जगत में शोक की लहर है। अपने लंबे अभिनय करियर में उन्होंने न केवल खलनायक बल्कि चरित्र अभिनेता के रूप में भी दर्शकों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया। उनके निधन को भारतीय मनोरंजन जगत की अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
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