रायपुर। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे में लगातार पैसे हारने के बाद एक MBA डिग्रीधारी युवक ने अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर 10.26 लाख रुपए की लूट की साजिश रच डाली। रायपुर पुलिस ने डंगनिया बाजार में गैस एजेंसी के सुपरवाइजर से हुई लूट के मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी गौरव तिवारी और उसके साथी आशीष पाण्डेय उर्फ गोलू को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि 27 वर्षीय गौरव तिवारी पहले एक निजी कंपनी में भुगतान और लेन-देन के काम से आता-जाता था। इसी दौरान उसे यह जानकारी मिली कि कंपनी के कर्मचारी समय-समय पर लाखों रुपए नकद लेकर निकलते हैं। ऑनलाइन सट्टे में हुए भारी नुकसान की भरपाई के लिए उसने अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई।
डेढ़ महीने तक की रेकी, सही मौके का इंतजार
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने करीब डेढ़ महीने तक कंपनी और उसके आसपास के क्षेत्रों की रेकी की। उनकी नजर किसी खास व्यक्ति पर नहीं, बल्कि उस कर्मचारी पर रहती थी जो नकदी से भरा बैग लेकर कार्यालय से बाहर निकलता था। कई बार पीछा करने के बावजूद मौका नहीं मिला, लेकिन 6 जून को उनकी योजना सफल हो गई।
सुपरवाइजर को धक्का देकर छीना 10.26 लाख का बैग
6 जून को कंपनी के सुपरवाइजर श्रवण साहू 10 लाख 26 हजार 500 रुपए लेकर कार्यालय से निकले। दो अलग-अलग दोपहिया वाहनों पर सवार आरोपियों ने उनका पीछा किया। डंगनिया बाजार पहुंचते ही तीन बदमाशों ने उन्हें धक्का दिया और नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए।
लूट के बाद अलग-अलग राज्यों में भागे आरोपी
वारदात के बाद पांचों आरोपियों ने रकम का आपस में बंटवारा कर लिया और पुलिस से बचने के लिए मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों में छिप गए। हालांकि वे लगातार एक-दूसरे के संपर्क में बने हुए थे।
72 घंटे के ऑपरेशन में पुलिस को मिली सफलता
घटना के बाद पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और डीडी नगर पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने हजारों सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी विश्लेषण किया और गहन पूछताछ के बाद 72 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी गौरव तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर उत्तर प्रदेश के भदोही से आशीष पाण्डेय को भी दबोच लिया गया।
7 लाख नकद और वाहन बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट की रकम में से 7 लाख रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई एक्टिवा जब्त की है। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 7.5 लाख रुपए बताई गई है।
पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस के अनुसार, गौरव तिवारी MBA पास है और पहले दुर्ग जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के मामले में जेल जा चुका है। गिरोह के अन्य तीन आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
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