केबिनेट के निर्णय के अनुसार, धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों तथा दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपए की आदान सहायता दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, किसानों की आय बढ़ाना और धान पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना है।
बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक चना खरीदने का निर्णय भी लिया गया। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को NeML के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से चना क्रय करने की अनुमति दी गई है।
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने को मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इससे योग शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर समन्वय हो सकेगा।
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) के लिए डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) की सहमति भेजने को भी मंजूरी दी। इससे रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा।
इसके अलावा, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को भूमि क्रय पर दी जा रही स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है। वहीं, छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 में संशोधन को मंजूरी देते हुए खनिज परिवहन वाहनों में RFID टैग और वाहन ट्रैकिंग प्रणाली अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, सार्वजनिक परिवहन अधिक आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनेगा, निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और राजस्व वृद्धि सुनिश्चित होगी।
कथावाचक पवन देव महाराज पर दुष्कर्म, मारपीट और जेवर हड़पने का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
छत्तीसगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 400 किलो से अधिक गांजा जब्त, एक नाबालिग समेत 5 हिरासत में
छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के आसार, कई जिलों में बारिश और तेज अंधड़ का अलर्ट
Copyright © 2021 Newsbaji || Website Design by Ayodhya Webosoft