भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां साइबर ठगी के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दुर्ग पुलिस ने ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो बैंक खातों को म्यूल खाता के रूप में उपलब्ध कराकर देशभर में हो रही ऑनलाइन धोखाधड़ी में सहयोग कर रहा था। इनके पास से विभिन्न बैंकों की पासबुक, चेकबुक, ATM कार्ड, सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बरामद खातों का संबंध केरल, कर्नाटक, बिहार और गुजरात जैसे राज्यों में दर्ज साइबर धोखाधड़ी मामलों से है।
क्या है पूरा मामला?
19 फरवरी 2026 को थाना जामुल को सूचना मिली कि, CCM मेडिकल कॉलेज रोड, कुरूद स्थित गुप्ता पीजी मकान के पास कुछ व्यक्ति अन्य लोगों के बैंक खातों का दुरुपयोग कर अवैध धन अर्जित कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ एवं तलाशी के दौरान 13 बैंक पासबुक, 07 चेकबुक, 18 एटीएम कार्ड, 12 सिम कार्ड, 04 मोबाइल फोन और 5,700 रुपए नगद जब्त किए गए। समन्वय पोर्टल पर सत्यापन के दौरान 02 पासबुक एवं 01 चेकबुक से संबंधित खातों में केरल, कर्नाटक, बिहार एवं गुजरात राज्यों में साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज होना पाया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
1. मोहम्मद अब्दुला राईन उर्फ अमन (24 वर्ष), अहमद नगर कैंप-02, छावनी
2 .हिमांशु पटेल (31 वर्ष), सेक्टर-01, भिलाई भट्टी
3. पुट्टा राकेश बाबू (27 वर्ष), भीमावरम, वेस्ट गोदावरी, आंध्र प्रदेश
4. शुभम स्वाई (20 वर्ष), सुंदरगढ़, राउरकेला, उड़ीसा
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि, वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या सिम कार्ड उपयोग हेतु न देंवे। साइबर अपराध से संबंधित किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन को दें। म्यूल खाता उपलब्ध कराने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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