गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रामपुर जिला जेल से रिहाई के कुछ ही देर बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब आजम खान को गाजियाबाद की विशेष MP-MLA कोर्ट में पेश किया गया है। उनके साथ उनकी कानूनी टीम भी अदालत पहुंची है। जौहर विश्वविद्यालय और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED उनसे पूछताछ करना चाहती है। ऐसे में अदालत में होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
रिहाई के चंद मिनट बाद ED की कार्रवाई
आजम खान पिछले करीब 11 महीने से रामपुर जिला जेल में बंद थे। दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ था। शनिवार को जैसे ही वह जेल से बाहर निकले, ED की टीम ने उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
आजम खान की रिहाई की खबर मिलते ही जेल के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। ED की कार्रवाई के दौरान समर्थकों ने विरोध जताते हुए नारेबाजी भी की। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल और CRPF के जवान तैनात किए गए थे।
दो पैन कार्ड मामले में मिली थी राहत
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड बनवाने और उनका इस्तेमाल करने के मामले में पिछले साल 17 नवंबर को सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में आजम खान की सजा बढ़ाकर दस साल कर दी गई थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
29 अक्टूबर को हाई कोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे को जमानत दे दी थी। माना जा रहा था कि इससे आजम खान को जेल से बाहर आने का मौका मिलेगा, लेकिन ED की नई कार्रवाई ने उनकी मुश्किलें फिर बढ़ा दीं।
494 करोड़ के जौहर विश्वविद्यालय प्रोजेक्ट पर ED की नजर
ED की जांच का केंद्र जौहर विश्वविद्यालय और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट है। जांच एजेंसी विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल कर रही है।
जांच एजेंसी के आकलन के मुताबिक, विश्वविद्यालय के निर्माण पर करीब 494.46 करोड़ रुपए खर्च हुए। इसमें से 416.14 करोड़ रुपए के खर्च का हिसाब कथित तौर पर नहीं मिल पाया है। इसी वित्तीय लेनदेन को लेकर ED मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच कर रही है।
हालांकि, ये जांच एजेंसी के आरोप और जांच के विषय हैं। मामले में अंतिम निर्णय अदालत द्वारा साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।
क्या ED को मिलेगी आजम खान की रिमांड?
गाजियाबाद की विशेष अदालत में आजम खान की पेशी को इस मामले में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। संभावना है कि ED उनसे आगे पूछताछ के लिए अदालत से रिमांड की मांग करे। अब अदालत यह तय करेगी कि जांच एजेंसी को पूछताछ के लिए कितनी अनुमति दी जाए।
फिलहाल, दो पैन कार्ड मामले में जमानत मिलने के बावजूद आजम खान को राहत नहीं मिल सकी है। उनकी कानूनी लड़ाई अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। आने वाले समय में अदालत का फैसला तय करेगा कि इस मामले में आजम खान को आगे कितनी राहत मिलती है।
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