दुर्ग। नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 और फिर NTPC में असिस्टेंट इंजीनियर (AE) बनाने का झांसा देकर एक युवक से पूरे 10 लाख रुपए ऐंठ लिए गए।
मामला तब खुला जब प्रार्थी रविकांत साहू, निवासी बोरीगारका को ई-मेल के जरिए भेजा गया नियुक्ति पत्र फर्जी निकला। आरोपियों ने पहले मंत्रालय में नौकरी लगाने का भरोसा दिया, प्रयास असफल होने पर NTPC में AE पद पर नियुक्ति का झांसा दिया। किस्तों में 10 लाख रुपए लेने के बाद फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिया गया।
ठगी का तरीका
आरोपी युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाकर चरणबद्ध तरीके से पैसे लेते थे। विश्वास कायम रखने के लिए फर्जी दस्तावेज और ई-मेल के जरिए नियुक्ति पत्र भेजा जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी नियुक्ति पत्र (ई-मेल प्रिंट कॉपी), मोबाइल फोन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जप्त किए हैं।
बहरहाल, पुलिस ने प्रार्थी की शिकायत पर थाना पदमनाभपुर में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में दंपती को गिरफ्तार किया है, जिसमें प्रिया देशमुख (36 वर्ष), निवासी न्यू आदर्श नगर को 28 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया और उसके पति प्रशांत कुमार देशमुख (49 वर्ष) को 1 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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