रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कोरोना काल में कैंप चलाकर मरीजों, श्रमिकों समेत जरूरतमंदों की सेवा कर सुर्खियों में आए सामाजिक कार्यकर्ता संदीप यादव की मौत हो गई है. उनकी लाश उनके किराए के मकान में बंद कमरे में मिली है. जब वे फोन रिसीव नहीं कर रहे थे तो दोस्त उनसे मिलने पहुंचे. इसके बाद मामले का पता चला. बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.
बता दें कि सामाजिक कार्यकर्ता संदीप यादव मूलत: उत्तर प्रदेश के अमेठी के रहने वाले थे. वे यहां रायपुर के खम्हारडीह क्षेत्र स्थित विजय नगर के बसंत कार्नर में किराए के मकान में रहते थे. साथ ही पिछले करीब 7 साल से कुछ सामाजिक संस्थाओं से जुड़कर काम कर रहे थे.
2 दिन से नहीं निकल रहे थे बाहर
माना जा रहा है कि उनकी तबीयत खराब रही होगी, इसीलिए वे घर से नहीं निकले थे. दोस्त उनसे लगातार संपर्क कर रहे थे. आखिरकार उन्हें आशंका हुई और वे उनके घर पहुंचे. कमरा बंद होने पर आशंका हुई तो पुलिस को भी फोन किया. इसके बाद जब कमरे में पहुंचे तो बाथरूम और उनके कमरे के बीच वे गिरे पड़े थे. वहीं उनकी मौत हो चुकी थी. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है. रिपोर्ट आने के बाद मामला स्पष्ट होगा. वहीं अमेठी स्थित उनके परिजनों को भी जानकारी दे दी गई है.
इसलिए बनी थी पहचान
कोरोना की पहली लहर के दौरान संदीप ने अपने दोस्तों के साथ श्रमिकों, बेघर-बेसहारा लोगों लिए कई तरह की मुहिम चलाई. बच्चों की शिक्षा, राहत शिविरों का आयोजन, राशन व तैयार भोजन पहुंचाने, बसों की व्यवस्था आदि में मददगार साबित हुए थे. इसके अलावा शिक्षा व स्वरोजगार को लेकर भी काम कर रहे थे.
ये भी पहुंचे मिलने, सोशल मीडिया पर जताया शोक
बता दें कि संदीप यादव की मौत की खबर फैलते ही कई अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे. इसमें सीएम के सलाहकार विनोद वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता मनजीत कौर से लेकर अन्य शामिल हैं. सोशल मीडिया पर भी उनके जानने वाले मीडियाकर्मी, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग श्रद्धांजलि दे रहे हैं और शोक प्रकट कर रहे हैं.
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