गरियाबंद. छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में रहने वाले शैलेंद्र ध्रुव की इच्छा पूरी करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें एक दिन का कलेक्टर बनाया था. बीते सोमवार की रात उनका निधन हो गया है. सीएम ने ट्वीट कर शोक जताया है. बता दें कि वे लाइलाज बीमारी प्रोजेरिया से ग्रसित थे. इससे पीड़ित बचपन में ही बुजुर्ग जैसे दिखते हैं और आमतौर पर पीड़ित 16 से 20 वर्ष तक ही जी सकते हैं.
शैलेंद्र गरियाबंद जिले के छुरा क्षेत्र के ग्राम मेडकी डबरी में अपने माता-पिता के साथ रहते थे. बता दें कि जब सीएम भूपेश बघेल को शैलेंद्र के बारे में जानकारी हुई और जब उन्हें बताया गया कि शैलेंद्र को कलेक्टर बनने की इच्छा है, तब उन्होंने उनके माता-पिता के साथ बुलाया था. उन्हें न सिर्फ एक दिन का कलेक्टर बनाया था. सोमवार की रात करीब नौ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. सीएम ने अपने ट्वीट में लिखा है कि सुबह दुखद सूचना मिली. शैलेंद्र ध्रुव अब हमारे बीच नहीं रहे. गरियाबंद के छुरा के ग्राम मेडकी डबरी के रहने वाले शैलेंद्र प्रोजेरिया बीमारी से ग्रसित थे. हमने उसकी एक दिन का कलेक्टर बनने की इच्छा तो पूरी कर दी थी, लेकिन ईश्वर की कुछ और इच्छा थी. भगवान उसका ख्याल रखें. घर वालों को हिम्मत मिले, ओम शांति.
तब देशभर ने जाना था शैलेंद्र को

बता दें कि सीएम भूपेश बघेल ने रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित आईजी एसपी कॉन्फ्रेंस में भी शैलेंद्र को बुलाया था. इस दौरान अपनी बाजू की सीट पर बैठाकर उनसे बातचीत की थी. साथ ही सभी अफसरों व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से परिचय कराया था. इसके जरिए देशभर के लोगों ने शैलेंद्र को जाना था. सोमवार को ही उनकी हालत ज्यादा बिगड़ी थी.
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