बिलासपुर. ट्रेनों को लगातार रद्द करने, कई ट्रेनों का स्टॉपेज छोटे स्टेशनों में बंद करने समेत अन्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कांग्रेसियों ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के करगीरोड कोटा के पास रेल रोको आंदोलन किया. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता ट्रेन के सामने रेल की पटरियों पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे.
बता दें कि आंदोलन की रणनीति पहले ही बना ली गई थी. वहीं सुबह 5 बजे ही कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कोटा रेलवे स्टेशन के पास पहुंचकर एकजुट हो गए. इसके बाद वे एक मालगाड़ी के सामने पटरी पर पहुंच गए. नतीजा ये हुआ कि सिग्नल मिलने के बाद भी मालगाड़ी आगे नहीं बढ़ पाई. ऐसे में उसके पीछे आने वाली ट्रेनों को भी सिग्नल नहीं मिला. रेल यातायात इसके कारण बाधित होने की खबर है.
2 घंटे से ज्यादा तक असर
पटरी पर कांग्रेसी सुबह 5 बजे से लेकर 7 बजे तक बैठे रहे. इसके कारण मालगाड़ी आगे नहीं बढ़ पाई. वहीं इन 2 घंटों में ट्रेनें प्रभावित हुईं ही. इसके बाद भी जब आंदोलन समाप्त हो गया, तब भी सिग्नल को लेकर समस्या बनी रही. कारण ये कि अप और डाउन दोनों दिशाओं की ट्रेनें इससे प्रभावित हुई थीं.
जहां के तहां रोकनी पड़ी ट्रेन
ट्रेन तो सिर्फ करगीरोड कोटा स्टेशन में रोकी गई थी. लेकिन, इसका असर कटनी रूट और इससे इतर के रूट पर चलने वाली ट्रेनों के परिचालन पर भी असर हुआ है. ट्रेनों को घुटकू, सलका, पेंड्रा समेत अन्य स्टेशनों पर रोकना पड़ा. वहीं बिलासपुर रेलवे मंडल के अफसर हरकत में आ गए और आंदोलन को रोकने के लिए कवायद भी शुरू कर दी.
रेल अफसरों ने मौके पर ली शिकायत
आंदोलन को समाप्त कराने के लिए अफसरों की एक टीम को करगीरोड कोटा स्टेशन के लिए रवाना किया गया. वहां पहुंचे अफसरों ने आंदोलनकारियों को समझाइश दी. इसके अलावा उन्होंने कांग्रेसियों से उनकी मांगों के संबंध में शिकायत भी ली. तब जाकर उन्होंने आंदोलन समाप्त किया.
कांग्रेसियों का ये है आरोप
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