रायपुऱ/दिल्ली। छत्तीसगढ़ में हुए करोड़ों के शराब घोटाले केस में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की जमानत याचिका पर सुप्रीमकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीमकोर्ट ने जमानत अंतरिम जमानत पर रिहा करने के आदेश दे दिए है। लेकिन उन्हें प्रदेश में रहने की अनुमति नहीं रहेगी, इसके अलावा अन्य कई शर्तों के तहत उन्हें जमानत दी गई है। इस मामले की सुनवाई सीजेआई सूर्यकांत के साथ अन्य 2 जजों की बेंच ने सुना।
मंगलवार यानि 3 फरवरी 2026 को सीजेआई जस्टिस की तीन बेंच केस में बेल पर सुनवाई हुई। जिसमें कवासी को अंतरिम जामानत पर रिहा करने के आदेश कोर्ट ने दे दिए है। उनकी जमानत का ईडी के वकील ने विरोध किया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा करने के आदेश दे दिए। बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया गया कि वर्ष 2024 में केस दर्ज किया गया था, जिसमें डेढ़ साल बाद गिरफ्तारी की गई है, जो गलत है। इस दौरान लखमा का कभी पक्ष ही नहीं लिया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट को यह भी बताया गया कि केवल बयानों के आधार पर उन्हें आरोपी बनाया गया है जबकि, उनके खिलाफ कोई सबूत ठोस सबूत नहीं है। कहा गया कि पूर्व मंत्री को राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाया गया है।
बता दें, कि ED ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को बीते 15 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही शराब घोटाले के केस में ईओडब्लयू ने भी केस दर्ज किया। जिसकी जांच के बाद चार्जशीट पेश किया गया ह। इस मामले में भी ईओडब्लयू ने गिरफ्तार किया था।
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