कवर्धा। छत्तीसगढ़ में हैरान करने वाला एक मामला सामने आया है, जहां कवर्धा जिले में सरकारी दफ्तरों की लापरवाही पर कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कर्मचारियों से सार्वजनिक रूप से कान पकड़वाकर माफी मंगवाई। इस मामले के बाद अब नया विवाद खड़ा हो गया है।
42 को नोटिस व पकड़वाए दोनों हाथों से कान
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिला पंचायत, जिला अस्पताल और करपात्री स्कूल में आकस्मिक निरीक्षण कर अनुशासनहीनता पर जमकर फटकार लगाई है। जिला पंचायत में 42 कर्मचारी देर से पहुंचे, जिन पर मौके पर ही कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है। वहीं, कर्मचारियों द्वारा सार्वजनिक रूप से कान पकड़ माफी मांगने की घटना को छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने अपमानजनक करार दिया है और इसे सिविल सेवा आचरण के खिलाफ बताया है।
इस दौरान कलेक्टर ने तय समय के बाद पहुंच रहे कर्मचारियों को कार्यालय के भीतर आने से रोकते हुए, उनसे कारण पूछा। कुछ कर्मचारी शर्मिंदगी में मुंह छुपाते नजर आए, तो कुछ ने सार्वजनिक रूप से कान पकड़कर माफी मांगी और भविष्य में समय का पालन करने का वादा किया है।
संगठन ने खोला मोर्चा- उपमुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत
इस पूरे मामले को लेकर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने कलेक्टर द्वारा कुछ कर्मचारियों से सार्वजनिक रूप से कान पकड़वाने की घटना को असंवैधानिक और अपमानजनक करार दिया है। जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने कहा कि, देर से आना अनुशासनहीनता है, लेकिन दंड का प्रावधान सिविल सेवा आचरण संहिता में है, सार्वजनिक अपमान करना अस्वीकार्य है। इस घटना को लेकर जल्द ही स्थानीय विधायक व उप मुख्यमंत्री को शिकायत की जाएगी।
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