रायपुर. कांग्रेस की छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी शैलजा मंगलवार को अचानक रायपुर पहुंची और मुख्यमंत्री निवास पर सभी मंत्रियों के साथ आपात बैठक ली. इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. इधर, इसी कयास के बीच पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने तंज कसा है कि प्रदेश में सरकार से जुड़े कई घोटाले एक के बाद एक उजागर हो रहे हैं. ये भी तो बड़ा मुद्दा हो सकता है.
बता दें कि कुमारी शैलजा के रायपुर में सीएम हाउस पहुंचने से पहले ही सभी मंत्रियों के साथ ही प्रदेशाध्यक्ष मोहन मरकाम व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत को सूचना मिल गई थी. सभी के पहुंचने पर ये बैठक शुरू हुई है. अंदर जहां किसी बड़े मुद्दे पर आपात चर्चा हुई तो बाहर कयासों का बाजार गर्म रहा. लोग अलग-अलग प्रकार की बातें कर रहे हैं.
ये लगा रहे कयास
कांग्रेस संगठन में बदलाव को लेकर चर्चा ज्यादा हो रही है. विधानसभा चुनाव इसी साल के नवंबर-दिसंबर में होना है. ऐसे में राज्य से लेकर जिला स्तर पर पदाधिकारियों को बदलने पर निर्णय हो सकता है. दरअसल, कई जिलों में और कई स्तरों पर कार्यकर्ताओं की नाराजगी सामने आती रही है. मंत्रियों की शिकायतें भी स्थानीय पदाधिकारियों को तवज्जो नहीं मिलने की शिकायतें भी मिली हैं, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व मंत्रियों की जिम्मेदारी में फेरबदल का रिस्क लेगा यह संभव प्रतीत नहीं हो रहा.
पूर्व सीएम ने ये कहा
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस आपात बैठक पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस प्रदेश प्रभारी शैलजा अचानक दौरे पर हैं. प्रभारी आते हैं तो कुछ ना कुछ विषय को लेकर आते हैं. प्रदेश में हलचल हो रही है. एक महत्वपूर्ण विषय वो भी है कि छत्तीसगढ़ में करप्शन रोज-रोज उजागर हो रहे हैं. दो हजार करोड़ का शराब घोटाला प्रूफ हो गया है, न्यायालय में भी प्रस्तुत हो गया है. सरकार के संरक्षण में सिंडीकेट ने 30 फीसदी अवैध शराब बेची है. अब इससे बड़े प्रमाण की जरूरत नहीं है. केंद्रीय नेतृत्व को फैसला लेना है कि ऐसे व्यक्ति को पद में बने रहने का अधिकार है कि नहीं.
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