बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कलेक्टर अवनीश शरण ने आवासीय कालोनियों में गरीब परिवारों के लिए निर्धारित 15% भूमि आरक्षण नियम को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. सभी एसडीएम को यह सुनिश्चित करने का आदेश मिला है कि कालोनियों में गरीबों को जमीन खरीदने पर यह आरक्षण सुविधा मिल रही है या नहीं. यानी बिल्डरों की अब खैर नहीं, जिन्होंने इस नियम को ठेंगा दिखाकर गरीबों की जमीन पर डाका डाला है. रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी.
आरक्षित भूमि का होगा सत्यापन
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को 15 दिनों के भीतर कालोनियों की आरक्षित भूमि का सत्यापन करने का निर्देश दिया. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गरीब परिवारों को इस आरक्षण का लाभ मिल रहा है. अगर इस नियम का पालन नहीं हो रहा है, तो संबंधित बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
ये है उद्देश्य
छत्तीसगढ़ में आवासीय विकास योजनाओं के अंतर्गत कमजोर वर्गों के लिए भूमि आरक्षण की नीति लागू की गई है. राज्य सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और निम्न आय वर्ग (एलआईजी) को स्वास्थ्य और शिक्षा में प्राथमिकता दी जाती है. इन वर्गों के लिए कॉलोनियों में 15% आवास और अन्य सुविधाएं भी आरक्षित की गई हैं.
ये है प्राथमिकता का आधार
छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अनुसार, पात्र लाभार्थियों को आवासीय योजनाओं के अंतर्गत भूमि आवंटन में प्राथमिकता दी जाती है. यह नियम आवंटन और अन्य सुविधाओं के निर्माण को तेज करता है, जिससे सभी स्तरों पर समयसीमा और पारदर्शिता बनी रहे.
लाभार्थियों का ऐसे होता है निर्धारण
एसडीएम आरक्षित भूमि का सीमांकन कर यह सुनिश्चित करेंगे कि गरीबों को आवासीय योजनाओं का लाभ मिले. इस प्रक्रिया के तहत सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए, गरीबों को आसान किस्तों में आवासीय सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में जोड़ा जा सके.
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