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छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका, बिजली दरों में 6.23% बढ़ोतरी, घरेलू, व्यापारिक और कृषि क्षेत्र पर बढ़ेगा बोझ

 Newsbaji  |  Jun 16, 2026 08:49 AM  | 
Last Updated : Jun 16, 2026 08:49 AM
छत्तीसगढ़ में बिजली का झटका: 6.23% बढ़ीं बिजली दरें, बढ़ेगा मासिक बिल
छत्तीसगढ़ में बिजली का झटका: 6.23% बढ़ीं बिजली दरें, बढ़ेगा मासिक बिल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में बिजली दरों में 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे अब घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों और किसानों तक सभी को अधिक बिजली बिल का सामना करना पड़ सकता है। नई दरें लागू होने के बाद उपभोक्ताओं के मासिक खर्च पर सीधा असर पड़ेगा।

बिजली नियामक आयोग द्वारा जारी नई दरों के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट शुल्क में वृद्धि की गई है। इससे राज्यभर में लाखों लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

घरेलू उपभोक्ताओं को लगेगा बड़ा असर
नई दरों के तहत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 30 पैसे से 50 पैसे तक की बढ़ोतरी की गई है। गर्मी और बारिश के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने के कारण अब परिवारों को पहले की तुलना में ज्यादा राशि का भुगतान करना पड़ सकता है। विशेष रूप से मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों के घरेलू बजट पर इसका असर दिख सकता है।

व्यापारिक प्रतिष्ठानों की बढ़ेगी लागत
व्यवसायिक और गैर-घरेलू कनेक्शनों के लिए भी बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक वृद्धि की गई है। दुकानों, छोटे उद्योगों, कार्यालयों, होटल और रेस्टोरेंट जैसे प्रतिष्ठानों की संचालन लागत बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि, इसका प्रभाव छोटे कारोबारियों पर अधिक पड़ सकता है।

किसानों को भी नहीं मिली राहत
कृषि पम्पों के लिए बिजली दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। बिजली आधारित सिंचाई पर निर्भर किसानों की कृषि लागत बढ़ सकती है, हालांकि सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत कुछ राहत मिलने की संभावना बनी हुई है।

क्यों बढ़ी बिजली दरें?
बिजली कंपनियां लंबे समय से उत्पादन, खरीद, ट्रांसमिशन और वितरण लागत में वृद्धि का हवाला देती रही हैं। ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती परिचालन लागत के चलते समय-समय पर बिजली दरों में संशोधन आवश्यक माना जाता है। वहीं उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि महंगाई के दौर में यह बढ़ोतरी आम जनता पर अतिरिक्त बोझ साबित होगी।

अगले बिजली बिल पर टिकी निगाहें
बिजली दरों में वृद्धि की घोषणा के बाद अब उपभोक्ताओं की नजर आने वाले बिजली बिलों पर टिकी हुई है। बढ़ी हुई दरों का वास्तविक प्रभाव तब सामने आएगा जब नए शुल्क के अनुसार बिल जारी होने शुरू होंगे।

महंगाई के बीच बिजली की बढ़ी कीमतों ने आम लोगों, व्यापारियों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले महीनों में इसका असर सीधे मासिक बजट पर दिखाई दे सकता है।

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