कोरबा. कोरबा और कोरिया जिलों में पिछले कई दिनों से हो रही भारी बारिश ने हसदेव नदी और मिनीमाता बांगो बांध के जलस्तर को खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया है. हालात को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने बांगो बांध के पांच गेट खोल दिए हैं, जिससे करीब 50 हजार क्यूसेक पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है. यह स्थिति तीन साल बाद उत्पन्न हुई है जब बांध के गेट खोलने की नौबत आई है.
बता दें कि लगातार बारिश से हसदेव नदी के किनारे स्थित क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते प्रशासन ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था. विशेष रूप से कोरिया, चिरमिरी और कोरबा में जलस्तर 98 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया है, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है. प्रशासन ने हसदेव नदी के डूबान क्षेत्र में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.
हाइडल प्लांट का संचालन
बांध के गेट खोलने के साथ ही बांगो बांध में स्थित हाइडल प्लांट को भी पूरी क्षमता से संचालित किया जा रहा है. इससे क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आएगी, लेकिन पानी के प्रवाह में वृद्धि होने से दर्री बराज पर दबाव बढ़ने की आशंका है, जिसके चलते बराज के अन्य गेट भी खोलने की संभावना है.
दहशत में लोग
बांध के गेट खुलने से कोरबा के सीतामढ़ी क्षेत्र में हसदेव नदी के किनारे स्थित इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है. प्रशासन द्वारा जारी चेतावनी के बावजूद कुछ क्षेत्रों में जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, जिससे स्थानीय निवासियों में भय का माहौल है.
बचाव कार्य के लिए सतर्क
प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया गया है. प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री और बचाव कार्य तेजी से किए जा रहे हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में तुरंत सहायता केंद्र से संपर्क करें.
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