रायपुर. Agg Business in Chhattisgarh: सावन में नॉनवेज नहीं खाने वालों की बीते कुछ सालों में बढ़ी संख्या का असर इस साल के पोल्ट्री बिजनेस पर दिखा है. बड़ी बात ये कि इस बार तो और सावन महीने डबल हैं. ऐसे में मटन के साथ ही पोल्ट्री बिजनेस भी ठप है. अंडों की बिक्री पर भी बेतहाशा असर हुआ है. यही जवह है कि रायपुर में 10 करोड़ अंडों को कोल्ड स्टोरेज में रखना पड़ा है.
पोल्ट्री बिजनेस से जुड़े लोगों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में भी इस कारोबार पर सावन की बड़ी मार पड़ी है. यहां प्रतिदिन 70 लाख अंडों का उत्पादन होता है. उनमें से 50 प्रतिशत दूसरे राज्यों में भेजा जाता है. जबकि 50 प्रतिशत की खपत पूरे छत्तीसगढ़ में होती है. अब 2 सावन महीना पड़ने से इस बिजनेस की कमर ही टूट गई है.
अंडों के कारोबार पर ये असर
बचत अंडों को ऐसे बचा रहे
आमतौर पर अंडों को कोल्ड स्टोरेज में रखने की जरूरत नहीं होती. या फिर आपात स्थिति के लिए ही सीमित मात्रा में यहां रखा जाता है. उत्पादन अचानक बढ़ने पर भी ऐसा होता है. तब उनकी संख्या बेहद कम होती है. लेकिन, अभी 50 प्रतिशत गिरावट आने की वजह से 10 करोड़ अंडों को कोल्ड स्टोरेज में रखना पड़ा है. बाजार जब बढ़ेगा तब उन्हें खपाया जाएगा. जबकि यह सावन महीना निकलने के बाद ही संभव होगा.
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