बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में एक दिन में एक ही मोहल्ले से डायरिया के 40 मरीज मिल गए हैं. उनमें से एक महिला की मौत हो गई तो वहीं 6 की हालत गंभीर है. सभी को सिम्स समेत दूसरे अस्पतालों में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है. सिम्स पहुंचकर विधायक शैलेष पांडेय ने मरीजों का हाल जाना. इसके साथ ही शनिवार को मोहल्ले में स्वास्थ्य विभाग ने कैंप शुरू कर दी है.
माना जा रहा है कि यहां बड़ी संख्या में मरीज हैं, जिनका पता सर्वे से लगेगा. बहरहाल शुक्रवार को जब एक के बाद एक कई मामले सामने आए तो फिर स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया. तत्काल टीमों को सक्रिय किया गया. वहीं मरीजों का सर्वे कर उन्हें अस्पताल ले जाया गया. दोपहर बाद शुरू हुई कवायद में कम संख्या में ही सर्वे हो पाया था, इतने में ही पहले 22 मरीजों की पहचान की गई. इसके बाद देर रात तक मरीजों की संख्या बढ़कर 40 हो गई.
>महिला ने सिम्स में तोड़ा दम
चांटीडीह में ही 65 वर्षीय महिला कमला मिश्रा पति हरि मिश्रा की हालत गंभीर थी. सिम्स में उसका इलाज शुरू किया गया. लेकिन, उसकी हालत खराब होती चली गई और फिर उसकी मौत हो गई. जबकि छह मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है. बता दें कि इस एक मौत के बाद बाकी गंभीर मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है.
आज शुरू हुआ कैंप
सीएमएचओ डॉ. राजेश शुक्ला ने भी मोहल्ले में पहुंचकर हालचाल जाना था. इसके साथ ही उन्होंने शनिवार को यहां कैंप लगाने के निर्देश दिए थे. उसी के अनुरूप अब स्वास्थ्य विभाग का कैंप शुरू हो गया है. यहां न सिर्फ लोगों को पहुंचकर अपनी स्वास्थ्य जांच कराने की सुविधा दी गई है, बल्कि अलग-अलग टीमें संवेदनशील इलाकों में जाकर सर्वे कर रही हैं.
दूषित पानी है मुख्य कारण
बता दें कि चांटीडीह में पेयजल सप्लाई की व्यवस्था ठीक नहीं है. कई जगहों पर पाइपलपाइन नालियों से होकर गुजरी है. ऐसे में पेयजल के दूषित होने की आशंका बनी रहती है. इसे ही प्रमुख कारण माना जा रहा है. इसके अलावा मोहल्ले में भी सफाई व्यवस्था ठीक नहीं बताई गई है.
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