दिल्ली। अभिनेत्री स्वरा भास्कर एक बार फिर अपने पुराने बयान को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर वर्ष 2019 में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर उनका एक पुराना वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में स्वरा भास्कर कथित तौर पर फैसले से निराशा जताते हुए कहती नजर आ रही हैं कि वह इस निर्णय से सहमत नहीं थीं और उन्होंने अपने मुस्लिम दोस्तों से इस संबंध में माफी भी मांगी थी।
वायरल वीडियो: https://x.com/ayudhika1310/status/2100169911721205960?s=48
वायरल वीडियो में स्वरा एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान वर्ष 2019 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को याद करती दिखाई देती हैं। उनके अनुसार, फैसला आने के बाद वह काफी दुखी और नाराज थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें यह फैसला अनुचित लगा और उन्होंने अपने फोन में मौजूद मुस्लिम परिचितों को संदेश भेजकर अपनी भावनाएँ व्यक्त की थीं।
स्वरा के कथित बयान के अनुसार, उन्होंने सलमान खान, शाहरुख खान, आमिर खान और फहाद अहमद सहित अपने मुस्लिम परिचितों को संदेश भेजे थे। उन्होंने खुद को हिंदू बताते हुए कहा कि वह अपने मुस्लिम दोस्तों को यह बताना चाहती थीं कि वह इस फैसले को लेकर असहमत और शर्मिंदा महसूस कर रही हैं।
सोशल मीडिया पर दो धड़े
वीडियो दोबारा सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स ने स्वरा भास्कर के बयान की आलोचना की और उनके खिलाफ टिप्पणियां कीं। कुछ लोगों ने धार्मिक नारे भी पोस्ट किए।
वहीं, दूसरे पक्ष के यूजर्स ने स्वरा के बयान का बचाव करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी नागरिक को न्यायालय के फैसले से असहमति व्यक्त करने का अधिकार है। समर्थकों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा।
इस तरह वायरल वीडियो ने एक बार फिर न्यायिक फैसले पर सार्वजनिक असहमति, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सोशल मीडिया पर राजनीतिक-सामाजिक बहस को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
2019 में क्या था सुप्रीम कोर्ट का फैसला?
अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने 9 नवंबर 2019 को सर्वसम्मत फैसला सुनाया था। अदालत ने विवादित 2.77 एकड़ भूमि राम मंदिर के निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट को देने का निर्देश दिया था। साथ ही, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को अयोध्या में मस्जिद के निर्माण के लिए 5.0 एकड़ वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था।
अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 1949 में विवादित परिसर में मूर्तियां रखे जाने और वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस को कानून का उल्लंघन माना था। अदालत ने अपने निर्णय में पुरातात्विक और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों पर भी विचार किया था।
पहले भी चर्चा में रहा है बयान
अयोध्या मामले में फैसला आने के बाद भी स्वरा भास्कर की न्यायिक निर्णय को लेकर व्यक्त की गई टिप्पणियां सार्वजनिक चर्चा का विषय बनी थीं। उनके कुछ बयानों को लेकर न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई की मांग किए जाने की खबरें भी सामने आई थीं। हालांकि, उस समय अटॉर्नी जनरल ने अवमानना की कार्यवाही की अनुमति देने से असहमति जताई थी।
अब पुराने वीडियो के दोबारा वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस फिर तेज हो गई है। हालांकि, वायरल वीडियो के किसी अंश के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय उनके पूरे मूल पॉडकास्ट और बयान के संदर्भ को देखना अधिक उचित होगा।
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