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साइबर ठगी पर दुर्ग पुलिस का बड़ा शिकंजा: 3,162 म्यूल बैंक खाते चिन्हित, 257 आरोपी गिरफ्तार

 Newsbaji  |  Sep 17, 2026 07:18 PM  | 
Last Updated : Sep 17, 2026 07:18 PM
साइबर ठगी पर दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3,162 म्यूल बैंक खाते चिन्हित
साइबर ठगी पर दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3,162 म्यूल बैंक खाते चिन्हित

दुर्ग/भिलाई। साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टे के जरिए अवैध धनराशि के लेन-देन में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस के तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण के आधार पर अब तक 3,162 म्यूल बैंक खातों की पहचान की गई है। इनमें से 1,668 खातों के संबंध में 63 FIR में वैधानिक कार्रवाई की जा चुकी है। विभिन्न प्रकरणों में अब तक 257 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों द्वारा ठगी से प्राप्त रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने और डिजिटल माध्यमों के जरिए आगे भेजने के लिए इन बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस अब बैंकिंग ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों के जरिए इस पूरे मनी ट्रेल को खंगाल रही है।

578 खातों का सत्यापन, 916 अभी लंबित
पुलिस के मुताबिक, चिन्हित खातों में से 578 बैंक खातों के संबंध में सत्यापन की कार्रवाई की गई है। इन खातों के खाताधारकों और बैंकिंग गतिविधियों की जांच की जा रही है।

वहीं, 916 म्यूल बैंक खाते अभी लंबित हैं। इन खातों के KYC विवरण, मोबाइल नंबर, UPI ट्रांजेक्शन, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच के आधार पर खाताधारकों और उनसे जुड़े संभावित अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कमीशन के लालच में दिए जाते हैं बैंक खाते
जांच के अनुसार साइबर अपराधी और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े लोग कमीशन, आसान कमाई या अन्य आर्थिक प्रलोभन देकर लोगों के बैंक खाते हासिल करते हैं। इसके बाद इन खातों में साइबर ठगी या अन्य अवैध गतिविधियों से प्राप्त रकम जमा कराई जाती है और उसे दूसरे बैंक खातों अथवा डिजिटल माध्यमों में ट्रांसफर किया जाता है।

कुछ मामलों में खाताधारक स्वयं अपना बैंक खाता दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध कराते हैं, जबकि कुछ मामलों में बैंकिंग लेन-देन का संचालन किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया जाता है। ऐसे मामलों में पुलिस खाताधारक की भूमिका के साथ-साथ पूरे लेन-देन की कड़ी की जांच कर रही है।

बैंकिंग रिकॉर्ड से लेकर UPI तक जांच
पुलिस द्वारा म्यूल खातों की पहचान के लिए प्राप्त शिकायतों के साथ-साथ बैंकिंग ट्रांजेक्शन, KYC दस्तावेज, UPI ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी एवं डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। धनराशि किस खाते से आई और किन-किन खातों या डिजिटल माध्यमों से होकर आगे गई, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

2.75 करोड़ रुपए से अधिक की डिस्प्यूट राशि
दरअसल, विभिन्न साइबर ठगी प्रकरणों से संबंधित 2,75,50,091 रुपए की डिस्प्यूट राशि सामने आई है। प्रकरणवार जांच में बैंक खातों से संबंधित अभिलेख, एटीएम कार्ड, चेकबुक/पासबुक, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, KYC दस्तावेज तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्य नियमानुसार जप्त किए गए हैं।

दुर्ग जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाई
म्यूल बैंक खातों के खिलाफ यह समेकित कार्रवाई दुर्ग जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में की जा रही है। पुलिस द्वारा खातों की पहचान से लेकर वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण, धनराशि के प्रवाह की जांच और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पहचान तक कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है।

कार्रवाई एक नजर में

  • 3,162 म्यूल बैंक खाते चिन्हित
  • 63 FIR में कार्रवाई
  • 1,668 खातों को FIR की कार्रवाई के दायरे में लिया गया
  • 257 आरोपी गिरफ्तार
  • 578 खातों का सत्यापन/इस्तगासा
  • 916 खाते अभी लंबित
  • 2,75,50,091 रुपए साइबर ठगी प्रकरणों से संबंधित डिस्प्यूट राशि

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