अमेठी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक मामला सामने आया है। अमेठी की पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम पंचायत मतदाता सूची में नहीं मिला, जबकि उनका नाम विधानसभा और लोकसभा मतदाता सूची में दर्ज है। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
पंचायत वोटर लिस्ट से गायब मिला नाम
10 जून 2026 को जारी पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची में स्मृति ईरानी का नाम नहीं होने की जानकारी सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। खास बात यह है कि, स्मृति ईरानी का नाम स्थानीय विधानसभा और लोकसभा मतदाता सूची में मौजूद है तथा उन्होंने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी के बूथ पर मतदान भी किया था।
2021 में खरीदी थी जमीन, 2024 में किया गृह प्रवेश
जानकारी के मुताबिक, स्मृति ईरानी ने वर्ष 2021 में गौरीगंज तहसील के मेदन मवई गांव में करीब 11 बिस्वा जमीन खरीदी थी। यहां आवास निर्माण के बाद उन्होंने फरवरी 2024 में गृह प्रवेश किया था। इसके बाद उनका नाम गांव के लीला टिकरा बूथ की मतदाता सूची में दर्ज हुआ और उन्होंने वहीं मतदान भी किया।
जांच में जुटा प्रशासन
अमेठी के जिलाधिकारी संजय चौहान ने बताया कि, मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि पंचायत मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए अलग प्रक्रिया होती है और यह देखा जा रहा है कि संबंधित आवेदन किया गया था या नहीं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि नाम किस कारण सूची में शामिल नहीं हो सका।
भाजपा ने किया आवेदन
भाजपा के अमेठी जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने बताया कि, स्मृति ईरानी का नाम पंचायत मतदाता सूची में जोड़ने के लिए आवेदन जमा करा दिया गया है। अफसरों को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है और सत्यापन के बाद नाम शामिल किए जाने का भरोसा दिया गया है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
वर्ष 2019 से 2024 तक अमेठी का प्रतिनिधित्व कर चुकीं स्मृति ईरानी वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा से चुनाव हार गई थीं। इसके बावजूद अमेठी में उनकी सक्रियता बनी हुई है। ऐसे में पंचायत मतदाता सूची से उनका नाम गायब होने का मामला राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का केंद्र बन गया है।
क्या है सबसे बड़ा सवाल?
सवाल यह उठ रहा है कि, जब स्मृति ईरानी का नाम विधानसभा और लोकसभा मतदाता सूची में दर्ज है और वह अमेठी में मतदान भी कर चुकी हैं, तो पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची में उनका नाम क्यों नहीं है? अब सभी की नजर जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
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