प्रयागराज। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे के दौरान उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से लौटते समय आनंद भवन और स्वराज भवन के पास कुछ लोग अचानक उनके काफिले के सामने पहुंच गए और काले तथा भगवा झंडे लहराकर विरोध प्रदर्शन किया। अचानक प्रदर्शनकारियों के काफिले के सामने आने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल स्थिति संभाली और प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाकर राहुल गांधी के काफिले को सुरक्षित आगे रवाना कराया। घटना में किसी बड़े नुकसान या अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे राहुल गांधी
राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज के केपी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों से संवाद किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राहुल गांधी का काफिला निर्धारित मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान आनंद भवन और स्वराज भवन के आसपास मौजूद कुछ लोग सड़क के करीब आ गए और काले-भगवा झंडे दिखाकर राहुल गांधी का विरोध करने लगे।
पहले से थी भारी सुरक्षा, फिर काफिले तक कैसे पहुंचे प्रदर्शनकारी?
राहुल गांधी के दौरे को देखते हुए प्रयागराज में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। काफिले के निर्धारित मार्ग पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों का काफिले के सामने तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि सुरक्षा घेरे के बावजूद प्रदर्शनकारी राहुल गांधी के काफिले के इतने करीब तक कैसे पहुंच गए। हालांकि, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया और काफिले को सुरक्षित आगे रवाना कर दिया।
कौन थे काफिले के सामने पहुंचने वाले लोग?
विरोध प्रदर्शन के बाद अब सबसे बड़ा सवाल प्रदर्शनकारियों की पहचान को लेकर है। मौके पर मौजूद लोगों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं, लेकिन पुलिस या प्रशासन की ओर से अभी तक प्रदर्शनकारियों की पहचान अथवा उनके किसी संगठन से जुड़े होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि प्रदर्शनकारी किस संगठन से जुड़े थे और वे सुरक्षा घेरे तक कैसे पहुंचे।
दौरे से पहले भी गरम था प्रयागराज का राजनीतिक माहौल
राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे से पहले ही शहर का राजनीतिक माहौल गरम था। उनके छात्र संवाद कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए होर्डिंग्स भी चर्चा में रहे थे। इसके अलावा बीजेपी के कई नेताओं ने भी उनके कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक टिप्पणियां की थीं।
अब आनंद भवन और स्वराज भवन के पास काले और भगवा झंडे लहराए जाने की घटना ने राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ा दी है। फिलहाल सबकी नजर पुलिस जांच पर है। जांच के बाद ही यह साफ होगा कि विरोध प्रदर्शन के पीछे कौन लोग या संगठन थे और सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित चूक के लिए जिम्मेदारी किसकी तय की जाएगी।
राहुल गांधी का केंद्र और यूपी सरकार पर हमला, बोले- भारत के 40 करोड़ युवा सबसे बड़ी ताकत
शादी के 3 दिन बाद दुल्हन गायब, ससुराल पक्ष ने लगाया ठगी का आरोप, SP से शिकायत
Copyright © 2021 Newsbaji || Website Design by Ayodhya Webosoft