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भिलाई टाउनशिप में बिजली महंगी होने की तैयारी, BSP ने टैरिफ बढ़ाने और लाइसेंस सरेंडर की प्रक्रिया शुरू की

 Newsbaji  |  Aug 07, 2026 09:48 AM  | 
Last Updated : Aug 07, 2026 09:48 AM
भिलाई टाउनशिप में बिजली दर वृद्धि और वितरण लाइसेंस सरेंडर पर 21 अगस्त को सुनवाई
भिलाई टाउनशिप में बिजली दर वृद्धि और वितरण लाइसेंस सरेंडर पर 21 अगस्त को सुनवाई

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) ने भिलाई टाउनशिप में बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया है। इस प्रस्ताव पर 21 अगस्त को दोपहर 3:00 बजे आयोग कार्यालय में सुनवाई होगी। यदि आयोग प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो करीब 35 हजार BSP आवासों, 3 हजार तृतीय पक्ष आवासों, 4,500 हाउस लीज आवासों और 8 हजार से अधिक दुकानों पर अगले तीन वर्षों तक बढ़ी हुई बिजली दरों का असर पड़ेगा।

BSP बिजली वितरण से भी हटने की तैयारी में
बिजली दर वृद्धि के प्रस्ताव के साथ ही BSP द्वारा बिजली वितरण लाइसेंस राज्य सरकार को सरेंडर करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। BSP के जनसंपर्क विभाग ने पुष्टि की है कि लाइसेंस सरेंडर की याचिका आयोग में दायर कर दी गई है। विभाग के अनुसार, टैरिफ याचिका की सुनवाई हर वर्ष होने वाली नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें पूंजीगत व्यय और अन्य वित्तीय आंकड़े आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं।

चेंबर ऑफ कॉमर्स ने जताया कड़ा विरोध
सिटी चेंबर ऑफ कॉमर्स ने BSP के इस कदम का विरोध किया है। चेंबर के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने कहा कि BSP हर बार बिजली दरों में लगभग 20 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि इस बार भी आयोग के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई जाएगी, ताकि टाउनशिप के रहवासियों और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। चेंबर का कहना है कि यदि BSP बिजली वितरण व्यवस्था से हटना चाहता है, तो पहले टाउनशिप की अतिरिक्त भूमि राज्य सरकार को सौंपनी चाहिए।

स्मार्ट मीटर पर भी उठे सवाल
चेंबर ने टाउनशिप में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस एजेंसी से स्मार्ट मीटर खरीदे जाने की तैयारी है, उसी एजेंसी ने राज्य सरकार को भी मीटर उपलब्ध कराए हैं। खुली निविदा प्रक्रिया अपनाने से कम लागत पर मीटर खरीदे जा सकते हैं। साथ ही, जब राज्य सरकार ने स्मार्ट मीटर को अनिवार्य नहीं किया है, तो टाउनशिप के उपभोक्ताओं पर इसे लागू नहीं किया जाना चाहिए।

लाइसेंस सरेंडर पर उठे सवाल
चेंबर ने सवाल उठाया कि BSP का टाउन इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रिकल) विभाग स्वयं लाइसेंसधारी संस्था है, फिर बिजली वितरण का लाइसेंस क्यों लौटाया जा रहा है। उनका कहना है कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के बाद क्या अब BSP बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी से भी पीछे हट रहा है।

किन पर पड़ेगा असर?
BSP आवास- 35,000
तृतीय पक्ष आवास- 3,000
हाउस लीज आवास- 4,500
टाउनशिप की दुकानें- करीब 8,000 से अधिक
 

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