रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के लंबे समय से प्रतीक्षित तबादलों को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने करीब 700 शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं निर्धारित मापदंडों पर खरे नहीं उतरने वाले करीब 400 शिक्षकों के नाम अंतिम सूची से बाहर कर दिए गए हैं। विभाग ने पूरी प्रक्रिया में विद्यार्थियों की पढ़ाई और स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था को प्राथमिकता दी है।
1600 शिक्षकों के नाम से शुरू हुई थी प्रक्रिया
शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए तैयार की गई प्रारंभिक सूची में करीब 1600 नाम शामिल थे। विभागीय स्तर पर जांच और समीक्षा के बाद सूची को सीमित करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद करीब 1000 शिक्षकों की संशोधित सूची तैयार की गई। अंतिम परीक्षण में विभाग ने प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित मापदंडों के आधार पर परीक्षण किया। इस दौरान करीब 400 नामों को अंतिम सूची से हटा दिया गया। इसके बाद पात्र पाए गए करीब 700 शिक्षकों के तबादला आदेश जारी किए गए।
इन शिक्षकों के तबादले पर लगी रोक
शिक्षा विभाग ने तबादला प्रक्रिया में स्कूलों की शैक्षणिक स्थिति को प्रमुख आधार बनाया। ऐसे मामलों को अंतिम सूची में शामिल नहीं किया गया, जिनके कारण संबंधित स्कूल में शिक्षकों की कमी होने या विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका थी।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं-
विभाग का कहना है कि किसी शिक्षक के तबादले के कारण स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
आवेदनों और अनुशंसाओं के बाद हुई जांच
सूत्रों के अनुसार, शिक्षकों से प्राप्त आवेदनों और विभिन्न स्तरों से मिली अनुशंसाओं के आधार पर स्थानांतरण के प्रस्ताव तैयार किए गए थे। इसके बाद विभागीय स्तर पर प्रत्येक प्रकरण की जांच की गई। प्रारंभिक सूची से लेकर अंतिम सूची तैयार होने तक कई स्तरों पर दस्तावेजों और पात्रता का परीक्षण किया गया। इसी प्रक्रिया में करीब 400 शिक्षकों के नाम निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाए गए और उन्हें अंतिम सूची से बाहर कर दिया गया।
खत्म हुआ शिक्षकों का लंबा इंतजार
स्थानांतरण आदेश जारी होने के साथ ही तबादले का इंतजार कर रहे करीब 700 शिक्षकों को राहत मिली है। लंबे समय से स्थानांतरण की प्रक्रिया को लेकर शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब विभाग द्वारा आदेश जारी किए जाने के बाद यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम पर भी चल रहा मंथन
शिक्षा विभाग अब भविष्य में ऑनलाइन शिक्षक स्थानांतरण व्यवस्था लागू करने पर भी विचार कर रहा है। इसके तहत शिक्षक निर्धारित पोर्टल के माध्यम से स्वयं स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, दस्तावेजों के डिजिटल प्रबंधन, आवेदनों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग और समयबद्ध निराकरण में मदद मिलने की उम्मीद है।
विभाग अन्य राज्यों में संचालित ऑनलाइन शिक्षक स्थानांतरण प्रणालियों का अध्ययन भी कर रहा है। तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा के बाद शासन स्तर पर इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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